तीन दिन बाद भी नही बताया निलंबन का कारण

एकतरफा कार्यवाही में जबाब नही दे पा रहे सीनियर डीसीएम
प्रयागराज (अनुराज दर्शन समाचार )। डिप्टी सीआईटी के निलंबन का मामला गहराता जा रहा है। एकतरफा कार्यवाही के बाद रेल कर्मचारियों में सीनियर डीसीएम के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। निलम्बन के तीन दिन बाद भी कर्मचारी को कारण नही बताया गया है। निलम्बित कर्मचारी ने गुरुवार को डीआरएम के यहां अपनी शिकायत दर्ज कराई है। निलम्बन के बाद मामले को रफा दफा करने के लिए मुख्यालय और मंडल स्तर पर कवायद चल रही है। रोस्टर मामले में सीनियर डीसीएम 2 की कार्यप्रणाली पर लगातार सवालिया निशान लगते रहे। मुख्यालय और तीनों मंडलो में हुए भ्रष्टाचार की जांच अभी जारी है।
*सीसीएम के करीबी माने जाते हैं डीसीएम-2*
रेल सूत्रों का कहना है कि सीनियर डीसीएम-2 विपिन सिंह एनसीआर के सीसीएम एम एन ओझा के करीबी माने जाते हैं। रोस्टर प्रकरण में विपिन सिंह की भूमिका पर लगातार उंगली उठती रही। यही कारण है कि उनके अनर्गल कार्यो पर कोई भी कर्मचारी विरोध नही करता था। रेल परिसर के बाहर हुई घटना के बाद डिप्टी सीआईटी का निलंबन कोई हजम नही कर पा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि निलम्बन के तीन दिन बीत जाने के बाद भी कर्मचारी को कारण नही बताया गया। सूत्रों का कहना है कि डिवीजन सीआईटी के फोन से डिप्टी सीआईटी को गालियां दी गई। बावजूद इसके गाली देने वाले खान पान प्रभारी दिनेश पांडेय एवं डिवीजन के सीआईटी के खिलाफ कोई कार्यवाही न होना भी सीनियर डीसीएम पर सवाल खड़े कर रहे हैं।



