FEATUREDसंत समागम

दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण पर्व के अंतिम दिन बड़े धूमधाम से उत्तम ब्रहाचार्य धर्म की आराधना की

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। नगर के विभिन्न जैन मंदिरो में एवं जीरो रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण पर्व के अंतिम दिन बड़े धूमधाम से उत्तम ब्रहाचार्य धर्म की आराधना की गयी।प्रात: भगवान का अभिषेक एवम शांतिधारा सम्पन्न हुई। पंडित सुनील जैन के निर्देशन में केसरिया वस्त्रो में जैन श्रद्धालुओ ने संगीतमय नित्य नियम पूजन, पर्व पूजन एवं दसलक्षण विधान किया। इस अवसर पर जैन धर्म के १२वें तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान का निर्वाण महोत्सव भी मनाया। भगवान वासुपूज्य के जन्म, तप, केवलज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक भागलपुर (विहार) शहर के चंपापुर मे हुए। पंडित सुनील जैन ने ब्रहमचर्या दिवस पर कहा  कि ब्रह्मचर्य समस्त साधनाओं का मूल आधार है। जिसे अपनाएं बिना आत्मा की उपलब्धि असंभव है।उन्होंने कहा व्रत और चरित्र की सिद्धि बिना ब्रह्मचर्य के नहीं हो सकती है।प्रथम १२ किलों का निर्वाण लाड़ू आलोक जैन ममता जैन सपरिवार द्वारा समर्पित किया गया एवं भगवान की प्रथम आरती दिनेश जैन परिवार द्वारा की गयी।आज रविवार को अनंत चतुर्दशी के दिन मंदिरो में धीरे धीरे काफी श्रद्धालु आते रहे। आज के दिन जैन श्रद्धालु निर्जल उपवास करते है एवं मंदिरो मे दान करते है।

सायंकालीन सामूहिक आरती, पंडित सुनील जैन द्वारा शास्त्र प्रवचन, एवं अष्ट द्रव्य थाली सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमे जैन मिलन प्रयाग द्वारा विजयी प्रतिभगियो को पुरस्कृत किया गया। २१ सितंबर को ज़ीरो रोड स्थित प्रात: 8:30 बजे अजीतनाथ नाथ दिगंबर जैन मंदिर में, दोपहर १ बजे बेनीगंज जैन मंदिर में एवं २२ सितंबर को तीर्थंकर ऋषभदेव तपस्थली अंदावा मे क्षमावानी पर्ब का आयोजन किया जायेगा।

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