फर्जी रोस्टर मामला फिर गरमाया, प्रमोट हुए सीआईटी 7 महीने बाद भी रिलीव नहीं हुए

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे भ्रष्टाचार का खुलासा नित नए रूप में हो रहा है। 7 माह पूर्व प्रमोट हुए सीआईटी को तत्काल प्रभाव से रिलीव करने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
प्रमोट हुए सीआईटी 7 महीने बाद भी रिलीव नहीं हुए
– रेलवे बोर्ड की 12 सदस्य टीम मुख्यालय पहुंची
– रोस्टर प्रकरण मामला फिर गरमाया
– आरोपी को ही रोस्टर की दी गई कमान
सीनियर डीसीएम दो ने 13 अगस्त को आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से सभी सीआईटी को रिलीव करने को कहा था। लेकिन 6 को छोड़कर शेष को रिलीव नहीं किए गए। सीसीएम के दबाव में प्रमोट हुए सीआईटी को पूर्ववत प्रयागराज जंक्शन पर ही जमे हुए हैं।
*5 दिन का काम महीने भर का वेतन*
लाइन पर काम कर रहे हैं संतोष कुमार सिंह एवं आशीष कुमार महीने में 5 दिन ही काम कर रहे हैं। 25 दिन क्या काम कर रहे हैं इस बात की जानकारी सीआईटी लाइन वीके सिंह नहीं दे पाए। जानकारी के मुताबिक पे-स्लिप बनाने के लिए एक बाबू की नियुक्ति की गई है, लेकिन अपने चहेते संतोष और आशीष से ही पे-स्लिप बनाने का काम लिया जा रहा है। इस संबंध में अनुराग दर्शन ने सीआईटी लाइन वीके सिंह से जानकारी चाहिए तो उन्होंने कहा कि कि सारा काम नियमानुसार हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि जांच के बावजूद रोस्टर पर अभी भी पूर्व की तरह ही काम जारी है। रोस्टर पर काम कर रहे हैं अनंत शर्मा एवं राकेश रंजन पहले की तरह ही कार्य कर रहे हैं। राकेश के बारे में बताया जाता है निलंबित सीआईटी रोस्टर एसके पांडे के इशारे पर कार्य कर रहे थे। फर्जी रोस्टर बनाने में राकेश रंजन और सचिन कनौजिया अहम रोल था।
*ट्रांसफर हुए 45 रिलीज हुए 6*
4 फरवरी 2021 को मंडल के 45 टीटीई प्रमोट होकर सीआईटी बनाए गए थे। प्रमोशन मिलने के बाद मंडल मुख्यालय से उनका अन्य स्थानों पर तबादला कर दिया गया था।स्थानांतरित किए गए सीआईटी अपने रसूख और प्रभाव के कारण मुख्यालय नहीं छोड़ पाए। रोस्टर फर्जीवाड़े के बाद 13 तारीख को सीनियर डीसीएम ने एक पत्र जारी कर सभी सीआईटी को तत्काल रिलीव करने का आदेश जारी किया। रेलवे सूत्रों ने बताया कि आपसी राजनीति और दबाव के चलते 39 सीआईटी को रिलीव नहीं किया गया। इस बात को लेकर मुख्यालय में तमाम तरह की चर्चाएं व्याप्त है। सूत्रों ने बताया कि सीनियर डीसीएम 2 लाइन का काम देखते हैं। आरोप हैं कि जुगाड़ के चलते इनको रिलीव नही किया जा रहा है।



