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क्षमा पर्व हमें सहनशीलता से रहने की प्रेरणा देता है- किरण जैन

(विनय मिश्रा) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। लाला जानकी प्रसाद दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के तत्वाधान में ज़ीरो रोड स्थित जैन मंदिर में दसलक्षण पर्व के उपरांत मनाया जाने वाला क्षमावाणी पर्व(क्षमा पर्व)हर्सौल्लास के साथ आयोजित किया गया।
प्रात: पंडित सुनील जैन के निर्देशन में अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं आरती संपन्न हुयी। पंडित सुनील जैन ने बताया कि क्षमा पर्व हमें सहनशीलता से रहने की प्रेरणा देता है।
महिला मंडल की बाला जैन ने बताया कि क्रोध को पैदा न होने देना और अगर हो भी जाए तो अपने विवेक से, नम्रता से उसे विफल कर देना, क्रोध को क्षमारूपी अमृत पिलाकर अपने आपको और दूसरों को क्षमा की नजरों से देखना। जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए खुद को क्षमा करना और दूसरे के प्रति भी इसी भाव को रखना इस पर्व का महत्व है। किरण जैन ने बताया कि क्षमावणी पर्व का अपना एक अलग ही महत्व होता है। क्षमा पर्व हमें सहनशीलता से रहने की प्रेरणा देता है।अशोक जैन ने बताया कि यह ऐसा पर्व है जो पर्युषण पर्व के रूप में समूचे देशवासियों को सुख और शांति का संदेश देता हैं। यह पावन पर्व सभी समाज को अपने अहंकार, क्रोध को त्याग कर संयम होकर सादा जीवन जीने, उच्च विचारों को अपनाने की प्रेरणा देता हैं। जैन समुदाय इस पर्व को सद्भाव और संयम से मनाते है। इस दौरान लोग पूजा अर्चना, आरती, उपवास, एकासन व्रत, रात्रि अन्न-जल का त्याग करके बहुत ही त्याग भावना से संयम पूर्वक और धर्म ध्यान में अपना चित्त लगाकर पर्व का आनंद उठाते हैं।
क्षमावाणी ऐसा पर्व है जिसमें शुभकामना, बधाई, उपहार न देकर सभी जीवों से अपने द्वारा जाने-अनजाने में किए गए समस्त अपराधों के लिए क्षमायाचना करते हैं। लोगो ने दूरदराज बैठे अपने संबधियो से मैसेज भेजकर क्षमा मांगी। इस दिन लोग अपने से बड़ों के पैर छूकर एवम हाथ जोड़कर माफी मांगते है।
दोपहर 2 बजे बेनीगंज मंदिर में भी क्षमावाणी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर शाम को भजन संध्या एवम नाटिका का आयोजन किया गया।

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