10 रुपये की गड्डी की कमी से बैंकों में अफरातफरी: जानें क्या है इसके पीछे की कहानी
10 रुपये की गड्डी की कमी से बैंकों में अफरातफरी: जानें क्या है इसके पीछे की कहानी

10 रुपये की गड्डी की कमी से बैंकों में अफरातफरी: जानें क्या है इसके पीछे की कहानी। बाजार में 1400 में मिल रही 10 रूपए की गड्डी
( विनय मिश्रा )प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। इन दिनों चहुं ओर शादियों के सीजन की धूम है। जहां देखो, शादियां ही शादियां हो रही हैं। वहीं दूसरी ओर, शादियों की सीजन शुरू ही 10 रूपए के करारे-करारे नोटों की गड्डियों की काला बाजारी का काला कारोबार शुरू हो जाता है।
लोगों को बाजार ऑन का सहारा लेना पड़ता है इस समय ₹10 की गाड़ी के लिए जगह-जगह भटक रहे हैं। किसी भी बैंक में पता कर लिया जाए, 10 रूपए वाले नोटों की नई कॉपियां कहीं देखने को भी नहीं मिलती, लेकिन हैरानी की बात ये है कि बाजार में पूछा जाए तो कई दुकानदार इन गड्डियों की काला बाजारी करके इसे 1400 रूपए तक बेच रहे हैं।
यानी कि प्रति कॉपी पर 40 प्रतिशत तक लाभ कमाया जा रहा है। एक दिन में न जाने कितनी ही कॉपियां बेच दी जाती हैं। शादी विवाह में जहां एक ओर शादी-ब्याह के सीजन में बढ़िया कपड़ों और जूतों की डिमांड बढ़ जाती है, वहीं पंजाबियों को शादियों में, खास तौर पर फैमिली डांस के समय 10 रूपए के नोटों की गड्डियों की बहुत जरूरत रहती है। 10 रूपए के करारे नोट कहीं देखने को भी नहीं मिलते। फिर सवाल ये है कि आखिर इन दुकानदारों को उक्त नोटों की गड्डियां कहां से उपलब्ध होती हैं ?
क्या बैंकों के कर्मचारी और ये दुकानदार 400-400 रूपए की बैलैक करके और आपसी मिली भगत से पैसे कमा रहे हैं और लोगों को लूट रहे हैं ?
प्रयागराज और आसपास की बात करें तो यहां भी ऐसी अनेक दुकानें हैं, जिनके पास 10 रूपए की नई कॉपी आसानी से मिल जाती है। यहां आप 1400 रूपए के हिसाब से तुरंत जितनी चाहे 10 रूपए की नई कॉपी हासिल कर सकते हैं।
हालांकि यदि पता किया जाए, तो किसी भी बैंक में यह सुविधा आपको उपलब्ध नहीं होगी। बैंक वाले भी कोई न कोई बहाना मारकर या नई कॉपी की उपलब्धता पीछे से न होने का हवाला देकर ग्राहक को टाल देते हैं। वहीं दूसरी ओर, आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार नोट को उतनी ही कीमत में चलाया जाएगा, जितना उस पर अंकित है।
अधिकतर बैंक नए नोट सिर्फ उन्हीं लोगों को देते हैं, जिनके खाते उनके पास हैं। लेकिन खाताधारकों को तो नए नोट नसीब नहीं हो पा रहे हैं, जबकि बाजार में महंगे दामों पर आसानी से उपलब्ध है।
बाजार में भी 10 रुपये के नए नोट की किल्लत के कारण सबसे अधिक मांग है। वहीं दूसरी ओर 20, 50, 100 और 200 रुपयों के नए नोट की गड्डी पर भी लोगों को अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
नियमानुसार नोटों को स्टेपल करना मना है, लेकिन इसके बाद भी बाजार में नए नोटों की खूब मालाएं देखी जा सकती हैं, जिनका शादी-ब्याह में मुख्यत: प्रयोग किया जाता है।




