महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के पीछे ईसाई मिशनरी का हाथ?
रिसोर्ट में महंत को हनी ट्रैप के जाल में फंसा कर ब्लैकमेल किए जाने की जताई आशंका
बीजेपी नेता हिंदू धर्म का होते हुए भी ईसाई मिशनरी का लाइफ टाइम मेंबर बना
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के पीछे ईसाई मिशनरी का हाथ होने की बात सामने आयी है ।वही महंत की मौत के पीछे बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के आरोपी ईसाई मिशनरी का हाथ होने का आरोप लग रहा है।सूत्रों की माने तो मिशनरी के लोगों पर ही साजिश रचने का सनसनीखेज आरोप लगाया गया है ।वही यूपी सरकार में मंत्री रहे समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता पर भी इस मामले में मिशनरी के लोगों से मिले होने का आरोप लगा है। मिशनरी के लोगों, सपा से जुड़े पूर्व मंत्री और बीजेपी के एक नेता पर मठ की संपत्तियों को हड़पने के लिए बड़ी साजिश रचने की आशंका जताई गई है। मिशनरी और पूर्व मंत्री की भूमिका की जांच के लिए राष्ट्रपति- प्रधानमंत्री -सीबीआई डायरेक्टर और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही संघ प्रमुख मोहन भागवत को चिठ्ठी लिखी गई है। ईसाई समुदाय के ही एक जिम्मेदार पदाधिकारी ने ही सभी को लिखी चिट्ठी और जाँच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने 10 लोगों को भेजा है शिकायतें पत्र। शिकायती चिट्ठी में महंत की मौत के पीछे मिशनरी और पूर्व मंत्री का हाथ होने की भूमिका की जांच कराए जाने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि मिशनरी से जुड़े हुए लोग अपने खिलाफ चल रही तमाम जांचों को रुकवाने वा खत्म कराने के लिए महंत नरेंद्र गिरि से मिले थे। बीजेपी के रसूखदार नेता और गुरु शिष्य के बीच समझौता कराने वाले के जरिए हुई थी मिशनरी के लोगों की महंत नरेंद्र गिरि से मुलाकात
मिशनरी के लोग इसी बीजेपी नेता के जरिए कई बार महंत नरेंद्र गिरि से मिले थे । महंत नरेंद्र गिरि के मठ की संपत्तियों पर कब्ज़ा करने या उसे हड़पने के मकसद से साजिश रचने का है आरोप भी लगाया गया। यह लोग मठ में कई बार महंत नरेंद्र गिरि से मिले थे ।महंत नरेंद्र गिरि को लखनऊ स्थित अपने गेस्ट हाउस और मोहनलालगंज पर बनाए गए रिसॉर्ट में भी ले गए थे। इसी गेस्ट हाउस या रिसोर्ट में महंत नरेंद्र गिरि को हनी ट्रैप के जाल में फंसा कर ब्लैकमेल किए जाने की जताई गई है आशंका आरोपी पूर्व मंत्री पद पर रहने के दौरान मिशनरी के लोगों को बड़े पैमाने पर फायदा दिलाने का आरोप भी है। सपा नेता ने मंत्री रहते हुए रायबरेली व कई अन्य जगहों पर मिशनरी के लोगों को कौड़ियों के भाव जमीने दिलवाई थी। मिशनरी से जुड़े हुए आरोपी एक डीम्ड यूनिवर्सिटी के संचालक भी हैं और जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए हैं।ईसाई मिशनरी के आरोपी लोगों पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आई एस आई से मिलीभगत का आरोप भी है।
ईसाई मिशनरी के जिम्मेदार लोगों पर सेक्स रैकेट चलाने – बैंक से फ्रॉड करने- हाईकोर्ट में मरे हुए लोगों के नाम से मुकदमे दाखिल करने, बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराने विदेशों से पैसा जुटाने और शिक्षा के नाम पर फर्जी डिग्रियां बांटने व लोगों के भविष्य से खिलवाड़ करने के भी गम्भीर आरोप लगे हैं ।सरकार की तमाम एजेंसियां इनके क्रियाकलापों की जांच कर रही है।धर्मांतरण मामले के आरोप पर संघ प्रमुख मोहन भागवत को 3 साल पहले भेजी गई चिट्ठी पर भी इनके खिलाफ जांच हो रही है।
*मिशनरी से जुड़े कुछ आरोपी जेल जा चुके हैं*
प्रयागराज समेत देश और विदेश में कई जगहों पर चंगाई के नाम पर गरीब व भोले भाले लोगों को फुसलाकर वा लालच देकर धर्मांतरण कराने के आरोप है।
शिकायतकर्ता का दावा महंत व ईसाई मिशनरी के लोगों को आपस में मिलवाने के नाम पर बीजेपी नेता ने करोड़ों रुपए ऐंठे हैं ।वह हिंदू धर्म का होते हुए भी ईसाई मिशनरी का लाइफ टाइम मेंबर भी बना हुआ है। ईसाई मिशनरी के लोगों पर सेक्स रैकेट चलाने व हनी ट्रैप के जरिए लोगों को फंसाने के पहले भी आरोप लगे हैं।शिकायतकर्ता का दावा, मिशनरी के लोग पहले अपनी जांच को रुकवाने के लिए महंत से मिले थे। बाद में उनकी नजर मठ की संपत्तियों पर पड़ी। मठ की संपत्तियों को हड़पने के लिए ही उन्होंने साजिश रची और इसी साजिश के चलते महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालत में मौत हुई।
*महंत नरेंद्र गिरि की हत्या की भी जताई गई है आशंका*
4 अक्टूबर को राष्ट्रपति- प्रधानमंत्री और सीबीआई डायरेक्टर समेत 10 लोगों को भेजी गई शिकायती चिट्ठी में
सीबीआई से महंत की मौत की जांच में इस एंगल व थ्योरी को भी शामिल करने का भी किया गया है अनुरोध शिकायतकर्ता का दावा, सीबीआई ने इस एंगल पर जांच किया तो हो सकता है बहुत बड़ा व चौंकाने वाला खुलासा। महंत की मौत में आईएसआई से संबंध रखने व विदेशी फंडिंग रखने वाले ईसाई मिशनरी का ही हाथ होने का मामला आएगा सामने।।



