आरआरसी चेयरमैन पर लगे गंभीर आरोप,जीडीसीए परीक्षा का पेपर आउट कराने में रहा सहयोग; भ्रष्टाचार का अड्डा बना आरआरसी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड आरआरसी द्वारा आयोजित परीक्षा में भारी अनियमितता का आरोप लगाया जा रहा है। चेयरमैन और स्टेनों के साथियों की मिलीभगत से विभागीय परीक्षा का पेपर आउट कराना एवं सिस्टम को हैंग करके कमजोर कर्मियों को भारी नंबर देकर पदोन्नत दी गई।

किसी छात्र को सुबह के पेपर में 96 नंबर मिले तो उसी छात्र को दूसरी मीटिंग के पेपर में मात्र चार नंबर मिलना परीक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। विभागीय परीक्षा में शामिल कुछ छात्रों ने जीएम एनसीआर एवं रेलवे बोर्ड को लिखकर परीक्षा निरस्त कराने की की एवं दोषियों के खिलाफ जांच जांच की मांग की गई है। वहीं दूसरी ओर स्टेशनों विनोद कुमार गुप्ता अन्य साथियों के साथ पूर्व में ड्राइवर की परीक्षा में हुई धांधली के आरोप में जेल जा चुके हैं।
कर्मचारियों ने चेयरमैन पर मढ़ा दोष
रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड कार्यरत कई कर्मचारियों ने चेयरमैन अतुल मिश्रा के ऊपर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि चेयरमैन दागी कर्मचारी विनोद कुमार गुप्ता को महत्वपूर्ण स्थान पर बिठाया। चेयरमैन को विश्वास में लेकर जीडीसीए की परीक्षा का पेपर आउट कराया। विभागीय परीक्षा में शामिल कर्मचारियों का कहना है परीक्षा में 6 से ₹800000 लेकर एक ही वर्ग के लोगों को प्रमोट किया गया। इस परीक्षा में 319 पदों पर करीब 20000 कर्मचारी शामिल हुए थे। ग्रुप डी से ग्रुप सी में प्रमोट होने के लिए विभिन्न पदों पर 2019 के सापेक्ष में 4 से 6 अगस्त 2021 के बीच में लखनऊ कानपुर प्रयागराज सहित अन्य स्थानों पर परीक्षा आयोजित की गई थी।
आरोपियों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठाया गया
उत्तर मध्य रेलवे पूरी तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। टीटी से लेकर अन्य पदों पर दागी कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सीआईटी लाइन रोस्टर डिविजनल सीआईटी सीआईटी प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भ्रष्टाचार की जांच झेल रहे जूनियर कर्मचारियों को महत्वपूर्ण पदों पर बिठाया गया है। डिविजनल सीआईटी के पद पर विवादित रहे उत्तम श्रीवास्तव को छिवकी स्टेशन भेजा गया है। सीआईटी लाइन अशोक तिवारी भी फर्जी रोस्टर मामले में जांच झेल रहे हैं। पर इसी तरह कई कर्मचारी जूनियर होने के बावजूद महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। पिछले माह शिकायत के चलते डीआरएम ने राजेश शर्मा नामक सीआईटी को लाइन से उतारकर स्टेशन भेजा था। सीनियर डीसीएम ने इस दागी सीआईटी को स्टेशन से दोबारा लाइन पर भेज दिया।
अवैध वेंडरों धमाचौकड़ी जारी
प्रयागराज स्टेशन परिसर में अवैध वेंडरों की धमाचौकड़ी लगातार जारी है। रेल सूत्रों ने बताया स्टेशन निदेशक बीके द्विवेदी की मिलीभगत से सभी प्लेटफार्म पर अवैध वेंडर दूषित खाद्य सामग्री यात्रियों को बेच रहे हैं। सड़े गले खाद्य पदार्थ से कई यात्री फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो रहे हैं। बताया जाता है कि स्टेशन परिसर में बेरोकटोक दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री हो रही है। प्लेटफार्म पर स्थित स्टालों पर भी घटिया स्तर की सामग्री पहुंचाई जा रही है।
सूत्रों ने बताया सामग्री में इस्तेमाल होने वाला तेल आलू आटा घी सब्जी सहित समस्त वस्तु घटिया स्तर का बताया जाता है। रेलवे प्रशासन की मिलीभगत से लगभग सभी स्टेशनों पर अवैध वेंडरों ने कब्जा जमा लिया है।




