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डिप्टी सीआईटी ने विजिलेंस पर फर्जी केस बनाने का लगाया आरोप

सीसीएम एवं डीसीएम की मिलीभगत से भ्रष्टाचार को बढ़ावा

डिप्टी सीआईटी ने सीवीसी से की शिकायत

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) फर्जी रोस्टर मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था की विजिलेंस के ऊपर फर्जी केस बनाने का सनसनी खेत मामला प्रकाश में आया है। टूंडला के एक डिप्टी सीआईटी ने सीबीसी से शिकायत कर विजिलेंस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीसीएम और डीसीएम के दबाव में मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ महीनों पूर्व रोस्टर प्रकरण में दोषी पाए गए सीआईटी और टीटी संवर्ग के कर्मचारियों पर कार्रवाई ना किया जाना पीसीएम और डीसीएम का दबा माना जा रहा है। भ्रष्ट अफसरों के चलते रेलवे को हर महीने करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। पीएमओ और रेल मंत्रालय में शिकायत के बावजूद भ्रष्ट रेल अफसरों के ऊपर जूं नहीं रेंग रही है।

*रोज आ रहे हैं नए नए मामले*

फर्जी रोस्टर भ्रष्टाचार एवं बगैर ड्यूटी किए वेतन आहत करने का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था की विजिलेंस के ऊपर फर्जी केस बनाने का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक टूंडला जंक्शन पर कार्यरत डिप्टी सीआईडी अमित सिंह चौहान चौहान का आरोप है पिछले महीने डीडीयू से टूंडला टूंडला के मध्य चलने वाली ट्रेन संख्या 02303 के कोच संख्या यस 5, 6, 7 एवं यस 8 मैं कार्यरत था। विजिलेंस इंस्पेक्टर राहुल श्रीवास्तव एवं गगन जी ई एफ टी चेक करने के लिए कहा। इस पर मैंने उन दोनों इंस्पेक्टर से पहचान पत्र दिखाने की मांग की। इसी बात को लेकर विजिलेंस इंस्पेक्टर राहुल एवं गगन ने अभद्रता करते हुए फर्जी केस बना दिया। फर्जी केस बनाने से मेरी निजी धन पंजिका से ₹400 कम हो गए। विजिलेंस इंस्पेक्टर ने ट्रेन कंडक्टर ट्रेन कंडक्टर को जेल भेजने तक की धमकी दे डाली।

*डिप्टी सीआईटी के अंडर गारमेंट्स उतरवाएं*

डिप्टी सीआईटी अमित का आरोप है कि विजिलेंस इंस्पेक्टर राहुल श्रीवास्तव एवं गगन जी ने प्रताड़ित करते हुए उनके अंडर गारमेंट्स उतरवाए। फिर भी उनके पास से कुछ भी नहीं मिला। अमित का आरोप है दोनों इंस्पेक्टर द्वेष भावना से काम करते हुए करते हुए अनियमितता का चार्ज बना दिया। इस बात को लेकर अमित ने उच्च अधिकारियों से दोनों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए लिखित शिकायत की है।

*सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का*

सूत्रों का कहना है कि एनसीआर के सीसीएम एवं प्रयागराज मंडल के सीनियर डीसीएम का वरद हस्त मिलने के कारण विजिलेंस इंस्पेक्टर अवैध रूप से मामले में फंसाने किस बात का धन उगाही कर रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार सीनियर डीसीएम एवं डीआरएम से कई टीटी संवर्ग के कर्मियों ने की है। आरोप है कि सीनियर डीसीएम के दबाव में सभी मामलों का रफा-दफा कर दिया गया है। यही कारण है कि टीटी संवर के कर्मचारी विजिलेंस एवं अन्य जांच एजेंसियों के खिलाफ बोलने से कतराते हैं।

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