भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा का प्रतिनिधि मंडल मिला डिप्टी सीएम से

प्रयागराज। आज अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा का प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रनाथ चकहा मधु के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या से मुलाकात किया।
मुलाकात के दौरान वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रवण कुमार शर्मा ने कुम्भ मेला में मेला प्रशासन द्वारा तीर्थ पुरोहित समाज को उपेक्षित करने पर भारी रोष प्रगट किया और कहा कि वर्ष 2012-13 में लगभग सभी सेक्टरों में तीर्थ पुरोहितों को भूमि प्राप्त हुआ था पर इस वर्ष कुम्भ मेला में तीर्थ पुरोहितों और कल्पवासियों की भूमि अखाड़ा परिषद को दे दी गई है। जिसका हम प्रबल विरोध करते हैं।
चन्द्रनाथ चकहा मधु जी ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों को संगम से 10 किलोमीटर दूर बसाए जाने की योजना मेला प्रसाशन द्वारा बनाई जा रही है जिसे हम किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे ।
तीर्थ पुरोहित समाज मेले में सबसे ज्यादा भूमि प्राप्त करने वाला समाज है 95% तीर्थ यात्रियों का लोड तीर्थ पुरोहित समाज ही उठाएगा मंत्री माधवानंद शर्मा ने कहा प्रत्येक तीर्थ यात्री केवल और केवल तीर्थ पुरोहितों के यहां ही ठहराव लेकर अनुष्ठान आदि सम्पन्न करता है।
प्रवक्ता अमित राज वैध ने कि इसकी जानकारी अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महेश पाठक चतुर्वेदी जी को बता दी गई है तीर्थ पुरोहितों की उपेक्षा किसी शर्त पर स्वीकार नहीं किया जाएगा यदि समय रहते शासन व प्रसाशन ने तीर्थ पुरोहितों को वरियता नहीं देता है तो आंदोलन शुरू होगा और पूरे भारत से महासभा के प्रतिनिधि यहां आएंगे और विरोध प्रर्दशन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
अंत में प्रतिनिधि मंडल ने तीर्थ पुरोहितों को 2000 बीघा भूमि गंगा जी एवं संगम के संनिकट त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी से लेने की मांग की है। बिजली, पानी, शौचालय, एवं निशुल्क टेन्ट अनाथ, के साथ टीन छावनी कराने की मांग की है। सभी तीर्थ पुरोहितों को मेले के दौरान परिचय पत्र देने की मांग की गई है।
सारी बातें सुनकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कल कुम्भ मेला अधिकारी को बुलाकर स्थितियों को देखते हुए समस्या का हल निकालने का अस्वासन दिया है, और यह वादा किया है कि इसका कोई न कोई उचित रास्ता निकल लिया जाएगा।


