गौरी की मां बोली- बेटे की एक झलक दिखा दो…

(अनुराग शुक्ला ) चित्रकूट (अनुराग दर्शन समाचार )। एसटीएफ से मुठभेड में मारे गये दस्यु गौरी यादव की मां रजनी देवी ने एसटीएफ पर आरोप लगाया कि उसके लडके को एसटीएफ घर से ले जाती थी। उसने अपने पुत्र को छह साल से नहीं देखा। कम से कम उसे पुत्र की लाश दिखाई जाये।
शनिवार को डकैत की मां रजनी देवी ने बताया कि उसने पुत्र को पैदा किया है। उसका अन्तिम संस्कार वह ही करेगी। पीएम हाउस में गौरी के परिजन एकत्र हैं। मां रजनी देवी ने बताया कि उसके दुश्मनों ने बताया है कि गौरी मारा गया है, तब वह भागकर यहां आई है। उसकी एक झलक पाने को वह बेचैन है।
गांव वालों ने बताया कि बेलहरी गांव के गौरी यादव पहले सामान्य लोगों की भांति था। तीस साल पहले डकैत ददुआ और ठोकिया के आतंक से एसटीएफ ने उसे अपना मुखबिर बनाया था। वह डाकुओं के साथ उठ-बैठकर पुलिस को जानकारी देता था। गौरी यादव किसी उत्पीडन से डाकू नहीं बना, बल्कि पुलिस की सह और डाकुओं के तौर-तरीके सीखते हुए उसके हौसले बढते गये। छुपने के ठिकाने पता चलते रहे और हथियार चलाना भी आ गया। इससे वह लोगों को डराने-धमकाने का काम करने लगा। पाठा क्षेत्र में हनक बनाने की गरज से वह अपराध की दुनिया में उतर गया था।



