
लखनऊ। सूबे में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार को भी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश हुई। इससे कई स्थानों पर मकान गिर गए तो सड़कें धंस गईं।
सड़कों, रेल लाइन व रन वे में पानी भरने से यातायात बाधित रहा, ट्रेने की रफ्तार थमी, फ्लाइट रद हुई। बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में 17 लोगों की जान चली गई।
इस बीच मेरठ के परतापुर में चंदसारा हाल्ट रेलवे स्टेशन पर एक स्कूली बस अंडरपास में डूब गई। हालांकि इस हादसे में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं लिसारी गेट एरिया इलाके में भारी बारिश की वजह से पुलिस स्टेशन की बिल्डिंग का एक हिस्सा गिर गया। जिसमें तीन लोगों को मामूली चोटें आईं।
वहीं मथुरा में भारी बारिश ने कहर मचाया है। यहां भी बारिश की वजह से मथुरा को दिल्ली से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे नंबर-2 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। ट्रकों और कारों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं हैं। वहीं भारी बारिश की वजह से शहर की सड़कें डूबी हुई हैं। कृष्णा नगर बस स्टॉप और भुतेश्वर रेलवे ब्रिज के पास भारी जलजमाव है।

राजधानी लखनऊ में बीती रात से हो रही बारिश सुबह भी जारी रही। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के अनुसार बारिश का दौर अगले दो-तीन दिन में कुछ कम होगा। कानपुर में बारिश से तापमान में गिरावट आई लोगों को गर्मी से सुकून मिला। कन्नौज में पूरे दिन बारिश होती रही।
शुक्रवार को भी पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश हुई। प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र में दीवार गिरने से एक मासूम की दबकर मौत हो गई। इलाहाबाद में सड़कों के जगह-जगह धंस जाने से जाम लग रहा है। कौशांबी में कुछ गांव में घर भी गिरे, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। जालौन जिले में भी बारिश की वजह से कई स्थानों पर जलजमाव हुआ है। इससे शहर की रफ्तार थम गई है।
ब्रज के सभी जिलों में बुधवार रात से अनवरत जारी बारिश से जल प्रलय जैसे हालात बन गए। मलबे की चपेट में आकर आगरा, मथुरा और मैनपुरी में चार बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हो गए। आगरा-जयपुर के बीच गुरुवार से प्रस्तावित फ्लाइट को रनवे पर पानी भरने के चलते रद कर दिया गया।
जगह-जगह रेल ट्रैक पर जलभराव होने से सेमी हाईस्पीड गतिमान एक्सप्रेस, भोपाल शताब्दी और ताज एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विलंब से आगरा पहुंचीं।
आगरा में उर्खरा रोड स्थित मीरा विहार में जलभराव से करीब 500 लोग फंस गए। इन परिवारों को पीएसी ने स्टीमर के जरिए बाहर निकाला। यहां हेलीकॉप्टर से मुडिय़ा मेला परिक्रमा शुरू होनी थी, जो खराब मौसम के चलते स्थगित कर दी गई।
मेरठ के खरखौदा में मकान गिरने से वृद्धा की मौत हो गई। मुजफ्फरनगर में करंट से दो किशोरों व बिजली का पोल गिरने से एक महिला की मौत हो गई। शामली में पांच लोग घायल हो गए। बागपत में अंडरपास के पास मिट्टी धंसने से आधा घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा।
शारदा और घाघरा नदी उफनी
पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से अवध क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। शारदा व घाघरा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। नदियों के उफनाने से दर्जनों गांव पानी से घिर गए हैं। कई सड़कों पर पानी चलने से आवागमन में दिक्कत हो रही है।
बहराइच में एल्गिन ब्रिज पर घाघरा खतरे के निशान से 13 सेमी ऊपर बह रही है। निचले क्षेत्रों के गांव बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। महसी तहसील के गोलागंज के कोठार में 10 बीघा खेत नदी की धारा में समा गया। 65 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सरयू, शारदा व गिरिजापुरी बैराजों से दो लाख 15 हजार 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।




