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रोस्टर घोटाले पर रेल मंत्री ने लिया संज्ञान कहा,वह इसे देखते हैं

निरीक्षण के पहले रेल मंत्री ने प्रयागराज जंक्शन के प्रस्तावित नए मॉडल स्टेशन की रूपरेखा को देखा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज डिवीजन में कोरोनावायरस महामारी लाॅकडाउन के दौरान भ्रष्टाचार का पर्याय बने रोस्टर घोटाले का मुद्दा शनिवार को रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के सामने उठाया गया। वाराणसी से प्रयागराज जंक्शन पर पहुंचे रेल मंत्री ने निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत शुरू की तो उनके सामने घोटाले का सवाल उछला। वही पत्रकारों के बाद डीआरयूसीसी मेंबर पवन श्रीवास्तव ने भी इस मामले को मंत्री के सामने उठाया। रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि देखते हैं।
मीडिया के सामने मुखातिब हुए तो प्रयागराज डिवीजन के रोस्टर घोटाले का मामला भी उछला। हालांकि, रेलमंत्री ने इसका कोई जवाब नहीं दिया लेकिन चेहरे पर सख्ती के भाव जरूर दिखे। आगे बढ़ने पर डीआरयूसीसी सदस्यों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसी दौरान डीआरयूसीसी सदस्य पवन श्रीवास्तव ने कहा, ” रोस्टर घोटाले के कारण मोदी सरकार की छवि खराब हो रही है। स्थानीय मीडिया में महीनों से यह मुद्दा छाया हुआ है, लेकिन उत्तर मध्य रेलवे के वाणिज्य विभाग के अफसरों ने इस मामले में कोई कार्यवाही अब तक नहीं की है।” रेल मंत्री ने इसका संज्ञान लिया और कहा, “वह इसे देखते हैं। इसके पहले केंद्रीय रेल मंत्री सुबह प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर सैलून से बाहर निकले रेलवे अफसरों ने उनका स्वागत किया प्लेटफार्म पर निरीक्षण के पहले रेल मंत्री ने प्रयागराज जंक्शन के प्रस्तावित नए मॉडल स्टेशन की रूपरेखा को समझा। अफसरों ने मंत्री अश्वनी वैष्णव को कुंभ-2025 तक प्रस्तावित स्टेशन माॅडल की रूपरेखा को समझाया। इसके बाद रेल मंत्री फुटओवर ब्रिज पर भी चढ़े और जंक्शन को निहारकर नीचे आ गए। समय कम होने के कारण वाराणसी, डीएलडब्ल्यू जैसी बारीकी के साथ प्रयागराज जंक्शन का निरीक्षण नहीं किया, जिसकी आशंका के कारण स्थानीय अफसरों के हाथ-पांव फूले थे। वजह, रेलमंत्री ने वहां सख्त कार्रवाई भी की है। डीआरयूसीसी सदस्य और ईस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विनय टंडन ने रेल मंत्री को दिए ज्ञापन में कहा कि प्रयागराज से 200 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्टेशनों जैसे कानपुर, फतेहपुर, लखनऊ, वाराणसी, मिर्जापुर आदि स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट की पूर्ण सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। रेलवे द्वारा दी जाने वाली सीनियर सिटीजन छूट उपलब्ध नहीं है। साथ ही वातानुकूलित श्रेणी के डिब्बों में यात्रियों को बेडरोल एवं आईआरसीटीसी द्वारा भोजन, चाय की सुविधा दी जाती थी, जो वर्तमान में अन्य एजेंसी से भोजन चाय की सुविधा दी जा रही है। आईआरसीटीसी की सुविधाओं को बहाल किया जाए।

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