अपने ही धन को पम्पी जैन ने मुखौटा कंपनियों के जरिए अपने कारोबार में लगाया

आयकर अधिकारियों ने पकड़ी 10 करोड़ रुपये की बोगस खरीद
कानपुर ( अनुराग दर्शन समाचार ) ।समाजवादी इत्र बनाने वाले सपा एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी जैन के कारोबार में मुखौटा कंपनियों से नकदी आने की बात सामने आई है। आयकर अधिकारियों के मुताबिक करीब 10 करोड़ रुपये मुखौटा कंपनियों से लाया गया है और 10 करोड़ रुपये की बोगस खरीद भी की गई है। अधिकारी इन दोनों बिंदुओं के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
इत्र कारोबारी पम्पी जैन के घर व प्रतिष्ठानों में शुक्रवार की शाम से शुरू हुई आयकर विभाग की जांच करीब आठ स्थानों पर खत्म हुई है और फिलहाल एक दर्जन स्थानों पर अभी जारी है। देर रात तक छापे की कार्रवाई खत्म हो जाने की उम्मीद है। बड़ी कंपनियों के छापे में आयकर अधिकारियों को मुखौटा कंपनियों से लोन लेने की बात अक्सर पकड़ में आती है। इस छापे में भी यह सामने आया है कि पम्पी जैन ने अपने ही धन को मुखौटा कंपनियों के जरिए अपने कारोबार में लगाया है। हालांकि इन कंपनियों की संख्या ज्यादा नहीं है लेकिन अधिकारी फिलहाल इस जांच में लगे हैं कि जिन कंपनियों से रुपये कारोबार में लाए गए हैं, उनकी क्या स्थिति है। आयकर अधिकारियों के मुताबिक अपनी ही अघोषित राशि को मुखौटा कंपनियों के जरिए अपने ही कारोबार में लाया गया है। दूसरी ओर आयकर अधिकारियों ने 10 करोड़ रुपये की बोगस खरीद भी पकड़ी है। यह माल कंपनी के स्टाक में तो खरीद में दिखाया गया है लेकिन वह स्टाक वास्तव में आया ही नहीं। इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट का भी मामला बन रहा है। इसकी जांच आयकर टीम का सहयोग कर रहे महानिदेशालय जीएसटी इंटेलीजेंस के अधिकारी देख रहे हैं। विदेशी पूंजी के बड़े पैमाने पर आने की आशंका पम्पी जैन के बहनोई आनंदपुरी निवासी डॉ.अनूप जैन के अलावा उनके करीबी रिश्तेदारों कर्मचारियों के घरों में भी जांच-पड़ताल की गई। आनंदपुरी स्थित दो मकानों को सीज किया गया है। सूत्रों ने बताया कि कंपनी में विदेशी पूंजी के बड़े पैमाने पर आने की आशंका है। अब तक की जांच में 20 से 40 करोड़ तक की पूंजी लगाए जाने की बात सामने आई है। जांच पूरी होने तक यह रकम बढ़ भी सकती है। यह किस-किस चैनल और किन-किन देशों के जरिये आई, इसकी पड़ताल की जा रही है। ऐसे में जांच एक दिन और चल सकती है। पम्पी के ठिकानों से आयकर टीमों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इसके अलावा कारोबारी स्टॉक का अंतर निकाला जा रहा है। कानपुर में स्वरूप नगर आर्यनगर,सिविल लाइंस,ट्रांसपोर्ट नगर,एक्सप्रेस रोड स्थित फ्लैट और कार्यालयों में छापा मारा गया था। एक्सप्रेस रोड में इनकी प्रगति अरोमा के नाम से फर्म है। कन्नौज में अलग-अलग 13 स्थानों पर कार्रवाई की गई थी। सूत्रों के अनुसार 35 ठिकानों में से 20 पर जांच चल रही है।

