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सीबीआई ने आनंद गिरि को लेकर देहरादून के लिए रवाना

छोटे महाराज’ आप ध्यान रखिए कि आपसे सीबीआइ पूछताछ कर रही है।

हरिद्वार में महंत का सबसे अधिक करीबी कौन?

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। नैनी जेल से कस्टडी में लेने के बाद पुलिस लाइन स्थित अतिथि गृह के एक कमरे में आरोपित आनंद गिरि को ले जाया गया। आनंद गिरि छोटे महाराज के नाम से जाने जाते हैं। यहां सीबीआइ के अफसरों ने उनसे सवाल दागना शुरू किया। सूत्रों के मुताबिक सबसे अहम सवाल यह पूछा गया कि अदावत जमीन की थी तो सुसाइड नोट में महिला का जिक्र कैसे था? विवाद के दौरान शादी में रुपये लुटाते हुए जो आडियो था, उसे वायरल करने के पीछे मंशा क्या थी? महंत नरेंद्र गिरि से क्या चाहते थे? ये सवाल ऐसे थे, जिसका जवाब देने में आरोपित आनंद गिरि को समय लग गया। काफी देर तक खामोश रहने के बाद जब चुप्पी तोड़ी तो गोलमोल जवाब दिए। जिस पर कुछ अफसरों ने कहा कि ‘छोटे महाराज’ आप ध्यान रखिए कि आपसे सीबीआइ पूछताछ कर रही है। इसलिए जितना पूछा जा रहा है उतने का ही जवाब दीजिए। विस्तार से जानकारी लेने के लिए अभी काफी समय है। इसलिए संक्षेप में ही अभी ये सब बताइए। पूछताछ के दौरान अफसरों का बीच-बीच में तेवर देखकर आनंद गिरि के पसीने छूटते रहे। हालांकि, सभी सवालों के जवाब में आनंद गिरि दोहराते रहे कि वह निर्दोष हैं और एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।

*हरिद्वार में महंत का सबसे अधिक करीबी कौन?*

आरोपित आनंद गिरि से सीबीआइ ने पूछा कि महंत नरेंद्र गिरि का हरिद्वार में कौन-कौन करीबी था। अंतिम बार वे कब हरिद्वार गए थे। जब वे वहां जाते थे तो सबसे अधिक किससे बातचीत करते थे। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा था कि ‘आज जब हरिद्वार से सूचना मिली कि एक-दो दिन में आनंद गिरि कंप्यूटर के माध्यम से मोबाइल से किसी लड़की या महिला के गलत काम करते हुए मेरी फोटो लगाकर फोटो वायरल कर देगा, इसलिए मै जान देने जा रहा हूं”। यह सूचना देने वाला कौन था? इस सवाल पर आनंद गिरि बोले कि मुझे नहीं पता। हालांकि, वहां कौन-कौन महंत के करीबी थे, इस बारे में जरूर सीबीआइ को बताया है।

*मौत से आखिरकार किसको सबसे बड़ा फायदा हुआ*

महंत नरेंद्र गिरि की मौत से आखिरकार किसको सबसे बड़ा फायदा हुआ है, इसका पता भी सीबीआइ लगा रही है। महंत के कुछ खास शिष्यों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि नरेंद्र गिरि से कई लोगों ने उधार पैसा लिया था। रकम भी 20 लाख रुपये से लेकर एक से दो करोड़ रुपये तक बताई जाती है। इस आधार पर इसकी तफ्तीश शुरू हुई है कि किसने, कब और कितनी रकम ली है। उसका मकसद क्या था और कितना पैसा वापस किया गया। सूत्रों का कहना है कि पैसा लेने वाले रियल एस्टेट से जुड़े कुछ शख्स के अलावा कतिपय कारोबारी और सफेदपोश का भी सामने सामने आ रहा है। अब सीबीआइ इसकी वास्तविकता का पता लगा रही है। इस पर भी छानबीन होगी कि पैसा नकद दिया गया था फिर दूसरे माध्यम से। उधार में दी गई रकम नरेंद्र गिरि के पास कहां से कब और कितनी आई थी। उसके बारे में मठ से जुड़े किस-किस शख्स को पता था। अगर उनका भी महंत की मृत्यु से कोई कनेक्शन जुड़ता है तो वह भी कार्रवाई की जद में आ सकते है।

*आनंद गिरि महाराज को सी बी आई देहरादून से लिए रवाना*

पुलिस लाइन में सीबीआई ने आनंद गिरि महाराज को रात 3 बजे तक पूछताछ करती रही । जब कोई संतोषजनक जवाब न मिला तो महंत नरेंद्र गिरी और आप के बीच किस बात का मन मोटाओ था । इसकी भी जानकारी ली । वही हरिद्वार देहरादून अन्य जगह पर नरेंद्र गिरी महाराज का कौन कितना नजदीकी था और किससे किससे क्या क्या संबंध था । इस विषय पर लगातार सीबीआई नजर बनाए हुए है। सीबीआई ने आज आनंद गिरि को देहरादून पूछताछ करने के लिए ले गई है । देहरादून से हरिद्वार आनंद गिरि के मठ में जाएगी । वहां की जांच पड़ताल की जाएगी । सूत्रों के हवाले से पता चला है । सीबीआई अपने किसी भी एंगल को व किसी भी छोटी सी छोटी चीज जो सबूत बन सकती है ।सीबीआई नहीं छोडना चाहता है।

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