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रोस्टर घोटाला: रोस्टर घोटाले के आरोपियों के बचाने में प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एमएन ओझा को रेल मंत्रालय ने हटाया

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। लगातार पिछले आठ 9 महीने से उत्तर मध्य रेलवे के रोस्टर घोटाले को केंद्र सरकार तक आवाज उठाने वाला अनुराग दर्शन समाचार पत्र का असर उत्तर मध्य रेलवे में दिखने लगा पिछले दिनों रेल मंत्री द्वारा प्रयागराज का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने निर्णय ले लिया था और मुख्यालय दिल्ली पहुंचने पर साढे 4 साल से अधिक समय से जमे प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एमएन ओझा को रेल मंत्रालय ने हटा दिया है।

 

रोस्टर घोटाले के आरोपियों के बचाने में प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक एमएन ओझा को रेल मंत्रालय ने हटाया

अनुराग दर्शन समाचार की खबर का असर
प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक का काम एच ए जी ग्रेड के अफसर शैलेंद्र कपिल देखेंगे

रोस्टर घोटाले में शामिल टी टी पर लटकी जांच की तलवार

 

 

रोस्टर घोटाले के आरोपियों को बचाने समेत कई आरोपों में विवादित हो चुके श्री ओझा को प्रतीक्षारत रखा गया है। माना जा रहा है कि उन्हें जल्द ही उत्तर मध्य रेलवे से बाहर भेजा जा सकता है। अब उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक का काम एच ए जी ग्रेड के अफसर शैलेंद्र कपिल देखेंगे जो वर्तमान में सीसीओ पद पर कार्यरत हैं।
उत्तर मध्य रेलवे के पीसीसीएम पद से हटाए गए एमएन ओझा पिछले वर्षभर से भारी विवादों में हैं। पत्रकार संतोष उपाध्याय की शिकायत के बाद उत्तर मध्य रेलवे के वाणिज्य विभाग में खुली भ्रष्टाचार की पोल ने एमएन ओझा को विवादों में ला दिया। संतोष उपाध्याय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रधानमंत्री कार्यालय, सीवीसी, रेलवे बोर्ड चेयरमैन, उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक समेत उन सभी जगहों पर इस घोटाले की जांच के लिए पत्र लिखे जहां-जहां से जांच हो सकती है। इस प्रकरण की जांच रेलवे बोर्ड की विजिलेंस, उत्तर मध्य रेलवे की विजिलेंस के साथ ही कई अन्य जगहों से चल रही है। गौरतलब है कि पिछले दिनों रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव प्रयागराज पहुंचे थे। उस दौरान रेलवे की समीक्षा बैठक में सांसद केशरी देवी पटेल ने पीसीसीएम को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे, जिस पर रेल मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई थी। साथ ही प्रकरण की जांच का आश्वासन दिया था। यही नहीं, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी रेल मंत्री को ज्ञापन सौंपकर उन पर भ्रष्टाचार के आरोपियों को बचाने और भ्रष्टचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद सोमवार को ही यह जानकारी रेल मंत्रालय से आ गई थी कि पीसीसीएम एमएन ओझा का स्थानांतरण कर फरवरी में सेवानिवृत्त होने जा रहे है।आईआरटीएस अफसर शैलेंद्र कपिल को बड़ी जिम्मेदारी उत्तर मध्य रेलवे में दी जा रही है। हालांकि, रेलवे बोर्ड से आदेश जारी होने में 5 दिन का वक्त लगने से इस मामले में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई । 2 दिन पहले ही एमएन ओझा सप्ताह भर के अंदर दो बार दिल्ली पहुंचे तो यह संभावना भी जताई जाने लगी थी कि वह उत्तर मध्य रेलवे से ही साल भर बाद सेवानिवृत्त लेंगे । लेकिन देर शाम रेलवे बोर्ड ने उन्हें हटाने का आदेश जारी कर दिया। रेलवे बोर्ड के इस आदेश के साथ ही उत्तर मध्य रेलवे के वाणिज्य विभाग में पिछले कुछ दिनों से पद न होने के कारण फोर्स लीव पर भेजे जा रहे अफसरों की समस्या भी खत्म हो जाने की संभावना है। यह समस्या आईआरटीएस अफसर एस के सिंह के एनसीआर में ज्वाइन करने के साथ ही शुरू हो गई थी।वही इस आदेश में पूर्वोत्तर रेलवे में पदस्थ सीटीपीएम संजय त्रिपाठी को वहीं पर पीसीओएम बनाया गया है। इसके साथ ही नदर्न रेलवे में सीपीटीएम एन.श्रीकुमार को साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे में पीसीओएम के रूप में स्थानांतरित किया गया है। सूत्रों की माने तो अभी टी टी भी मंत्री की नजर में है । अनुराग दर्शन समाचार ने एक समाचार में कुछ टी टी का नाम छपा था । जिनकी जांच मंत्री द्वारा कराई जा रही है । जिसकी जांच आते ही इन टी टी को भी निलंबन का कार्रवाई होने की संभावनाएं हैं ।

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