मुविवि के महिला अध्ययन केंद्र ने की गांव में कार्यशाला

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा अंगीकृत गांव में संचालित महिला शिक्षा एवं स्वावलम्बन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को जैतवार डीह,सोरांव विकासखंड तथा मातादीन का पूरा, फाफामऊ में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
ग्रामीण महिलाओं ने दिखाए कलात्मक हुनर
महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक प्रोफेसर रुचि बाजपेई ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण महिलाओं को अपनी घरेलू एवं कलात्मक हस्तशिल्प संबंधी दक्षता के आधार पर पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय में भविष्य में आयोजित किए जाने वाले ग्रामीण हस्तशिल्प प्रदर्शनी कार्यक्रम के विषय में भी महिलाओं को जानकारी दी।
प्रोफेसर बाजपेई ने कहा कि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह के निर्देशन में महिला अध्ययन केंद्र रोजगार परक कौशलों के क्षेत्र में नए-नए ज्ञान और अनुभव को ग्रामीणों के साथ साझा करने और उनका मनोबल बढ़ाते रहने के लिए संकल्पबद्ध है।
सहायक समन्वयक डॉ साधना श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीण हस्तशिल्प पाककला सिलाई कढ़ाई आदि द्वारा महिलाएं आत्मनिर्भरता तथा स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं और बहुत हद तक अपनी समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए महिलाओं को दृढ़ संकल्पित होना पड़ेगा और घर से बाहर निकलने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। प्रारंभ में उनके सामने कुछ मुसीबतें आएंगी लेकिन प्रयत्न करने से उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी।
केंद्र के अन्य सदस्यों ने भी ग्रामीण महिलाओं से बातचीत की और कार्यशाला में उनके द्वारा बनाकर लाई गई कपड़े,नायलान डोरी, कागज, मूंज आदि से निर्मित हस्तशिल्प सामग्री पांवदान, गुलदान, डलिया, झालर, पंखे तथा सजावटी सामान आदि का निरीक्षण किया। ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित अचार, पापड़, नमकीन आदि का भी परीक्षण किया गया।
कार्यशाला में ग्राम प्रधान महेन्द्र गिरि, आशा वर्कर पुष्पा श्रीवास्तव, श्रीमती जुगनू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शकुंतला देवी, श्रुति, साधना, करिश्मा, डॉ अतुल कुमार मिश्र, डॉ शिवेंद्र प्रताप सिंह तथा राजेश गौतम आदि उपस्थित रहे।

