बैठक में बोले मण्डलायुक्त-निविदा की प्रक्रिया में शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखें

इलाहाबाद। कुम्भ की तैयारियों में समीक्षा के दौरान स्थायी निर्माण कार्यो के समय से पूरा होता दिखने पर समीक्षा का फोकस अब मेला क्षेत्र के कार्यो की ओर बढ़ रहा है।

कुम्भ कार्यो की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में आज अब तक हो चुके स्थायी निर्माण कार्यो के साथ-साथ मेला क्षेत्र में मेला अवधि के दौरन कराये जाने वाले अस्थायी अवस्थापना विकास पर भी चर्चा की गयी तथा कार्यदायी विभागों को कई सैद्धान्तिक निर्देश देते हुए अपने विभाग से सम्बन्धित प्रारूप एवं तैयारी सुनिश्चित करते हुए यथाशीघ्र अवगत कराने के निर्देश दिये गये।

बैठक के प्रारम्भ में मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल तथा मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द ने सभी विभागों को यह सामान्य निर्देश दिये कि जिस प्रकार समयबद्ध कार्ययोजना के साथ रणनीति बनाते हुए स्थायी कार्यो को समय से पूरा किया जा रहा है। उसी प्रकार मेला अवधि के अस्थायी कार्यो की भी समयबद्ध कार्ययोजना बना ली जाय, जिससे मेला प्रारम्भ होने के पूर्व समय से पहले सभी कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके।
सभी सम्बन्धित विभागों को यह सामान्य निर्देश दिये गये है कि अपने कार्यो से सम्बन्धित निविदा प्रक्रिया अत्यन्त शीघ्र पूरी कर ली जाय। मण्डलायुक्त ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निविदा की प्रक्रिया में शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा जाय तथा यथा सम्भव यह ध्यान रखा जाय कि एक बार निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद निर्धारित वेंडर परिवर्तित अथवा विभक्त न किये जाय। निविदा प्रक्रिया में गुणवत्ता और समयबद्धता से कार्य पूरा करने में विशेष ध्यान रखा जाय तथा इस कार्य में किसी भी दबाब मे कार्य न किया जाय।

मण्डलायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिये है कि आखिरी किस्त की धनराशि उतनी ही अवमुक्त करायी जाय, जितनी वास्तविक रूप से आवश्यक हो। किसी भी दशा में अनुमान के आधार पर अधिक धनराशि आहरित करके उसके व्यय न होने पर उसको समर्पित करना अनुचित माना जायेगा।
मेलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को यह निर्देश दिये कि वे अस्थायी कार्यो के लिए भी सुयोग्य और सक्षम वेंडर/कार्यकारी संस्थानोँ का चयन यथाशीघ्र निविदा के द्वारा सुनिश्चित कर ले एवं उसकी टाइमलाईन निर्धारित करते हुए अपनी विभागीय जनशक्ति भी यथाशीघ्र निर्धारित कर ले। मण्डलायुक्त ने कहा कि सभी विभाग अपनी कार्ययोजना पर सितम्बर के पहले सप्ताह से ही कार्य प्रारम्भ कर दे।
स्थायी निर्माण कार्यो में गुणवत्ता परीक्षण के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण की रिर्पोट पूरी तरह अपटेड रखने तथा पीएमआईएस साफ्टवेयर पर उसे हमेशा प्रदर्शित रखने के निर्देश मण्डलायुक्त ने देते हुए कहा कि थर्ड पार्टी निरीक्षण में दर्शायी गयी कमियों के निराकरण की आख्या भी पीएमआईएस पर अपटेड रखी जाय।
नगर में कूडे को हटाकर सड़कों को साफ रखने, नालो में पड़े कूडें को निकालते हुए नगर को स्वच्छ रखने के सम्बन्ध में कड़े निर्देश मुख्य अभियन्ता नगर निगम को दिये गये। नगर में कई स्थानों पर सड़कों के चौड़ीकरण में बाधा बन रहें नगर निगम के पुराने कूडा घरों को तत्काल सड़के बीच से हटाकर निर्धारित स्थानों पर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाये गये नये एवं आधुनिक कूड़ा घरों में कचड़ा पहुंचाकर नगर की सड़कों को निरन्तर स्वच्छ रखने के लिए मण्डलायुक्त ने कड़े निर्देश दिये।
विकास प्राधिकरण एवं नगर निगम को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश देते हुए मण्डलायुक्त ने मार्ग प्रकाश के क्षेत्र में तेजी से काम करने के लिए कहा। बैठक में नगर के विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्यो में तेजी लाने की रणनीति पर जिलाधिकारी तथा उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण एवं मेलाधिकारी को समन्वय स्थापित करते हुए एक साथ बैठकर समयबद्ध रणनीति बनाने को कहा गया। नगर में बिजली के तारों और खम्भों तथा टासफार्मरों की शिफ्टिंग की प्रगति पर चर्चा हुयी। विशेष तौर पर निरंजन डाट पुल से केबिल शिफ्ट करने के कार्य प्रारम्भ हो जाने की सूचना से मण्डलायुक्त को अवगत कराया गया।
नागवासुकी से बख्शी बांध के बीच सड़क के कार्यो में भी तेजी लाकर इस कार्य को शीघ्र पूरा करने की प्रगति मण्डलायुक्त को अवगत कराया गया।
सेतु निगम के कार्यो में सभी रेलवे ओवर ब्रिजों के कार्य निर्धारित लक्ष्य से आगे चलते पाये गये तथा लोक निर्माण विभाग एवं विकास प्राधिकरण के सड़कों और चौराहों से सम्बन्धित कार्य भी 31 अक्टूबर के पूर्व सम्पूर्ण हो जाने की स्थिति में दिखायी दिये।
बैठक के अन्त में एकीकृत कन्ट्रोल एवं कमाण्ड सेंटर के कार्य एवं नगर तथा मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से सर्विलांस की प्रगति भी देखी गयी।
