कुलाधिपति स्वर्ण पदक लखनऊ से एम ए योग की छात्रा मोनिका पांडेय को दिया

21 स्वर्ण पदक में 11 स्वर्ण पदक छात्राओं जबकि 10 स्वर्ण पदक छात्रों की झोली में
19,151 शिक्षार्थियों को उपाधि में 11225 छात्र तथा 7926 छात्राएं
( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रमाशंकर दुबे ने कहा कि छात्र ही देश के भविष्य हैं। शिक्षा आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम है। भारत को हर क्षेत्र में समृद्ध बनाने के लिए उच्च शिक्षा एक अनिवार्य कारक है। उच्च शिक्षा के स्तर से ही समाज की स्थिति एवं उसकी उन्नति का पता चलता है। प्रोफेसर दुबे ने कहा कि वर्तमान उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए भारत के पारंपरिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सहेज कर समावेशित करने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि प्रोफेसर दुबे ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं की पहचान में गुणवत्तायुक्त और नवाचारयुक्त शोध का बहुत महत्व है। शोध एवं अन्वेषण के फलस्वरुप ही कृषि, विज्ञान, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति आई है। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने भी शोध के क्षेत्र में नई पहल की है। समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को ऑनलाइन अध्यक्षता करनी थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से वह कार्यक्रम से नहीं जुड़ सकीं। समारोह में 21 स्वर्ण पदक बांटे गये। इनमें 11 स्वर्णपदक छात्राओं जबकि 10 स्वर्ण पदक छात्रों की झोली में गये। समारोह में 19,151 शिक्षार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। जिसमें 11225 छात्र तथा 7926 छात्राएं हैं। कुलाधिपति स्वर्ण पदक क्षेत्रीय अध्ययन केन्द्र लखनऊ से एमए योग विषय की छात्रा मोनिका पांडेय को दिया गया।




