मौनी अमावस्या के दिन एक करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का दावा

श्रद्धालुओं के जुटने से कोविड प्रोटोकाल का पालन कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नही
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कोरोना की तीसरी लहर और दूसरी तरफ़ प्रयागराज के संगम तट पर मौनी अमावस्या का स्नान पर्व। एक फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन एक करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का दावा प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने से कोविड प्रोटोकाल का पालन कराना स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो चुका है।
*डॉक्टरों की टीम दोगुनी की गई*
कोविड–19 के नोडल डाॅ. ऋषि सहाय ने बताया कि मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ ज्यादा हो रही है। इसके लिए मेला क्षेत्र में डॉक्टरों की संख्या बढ़ा दी गई है। मेले में 17 प्रवेश द्वार हैं सभी प्रवेश द्वार पर 10-10 की संख्या में 20 टीमें तैनात की गई हैं। संगम नोज पर हमारी टीम मौजूद रहेगी। कोविड की जांच व स्क्रीनिंग की सुविधा रहेगी। दो फरवरी तक 24 घंटे हमारी स्वास्थ्य टीम काम करेगी। उन्होंने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि मास्क अवश्य लगाएं।
आसपास के निजी अस्पतालों को भी किया गया अलर्ट
मौनी अमावस्या पर्व के कारण मेला क्षेत्र के आसपास व शहरी क्षेत्र के कुछ निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल, कोटवा सीएचसी, चाका समेत अन्य अस्पतालों में डॉक्टरों की टीम 24 घंटे मौजूद रहेगी।



