प्रदेश महासचिव ने राष्ट्रीय पदाधिकारी पर टिकट दिलाने के लिए पांच लाख रुपये मांगने का लगाया आरोप

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तरफ से सोमवार को प्रयागराज के बाकी सात सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही बखेड़ा खड़ा हो गया। प्रदेश महासचिव जितेंद्र तिवारी ने पार्टी के ही एक राष्ट्रीय पदाधिकारी पर टिकट दिलाने के लिए पांच लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। आरोप है कि रकम नहीं मिलने पर टिकट देने से मना कर दिया गया।
इस मामले की शिकायत पार्टी के शीर्ष नेताओं से करते हुए कई पदाधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, कांग्रेस के जिम्मेदारों का कहना है कि यह टिकट नहीं मिलने की नाराजगी है।दरअसल, प्रदेश महासचिव जितेंद्र तिवारी करछना विधानसभा सीट से खुद चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने टिकट के लिए आवेदन भी किया था। सोमवार को जो सूची जारी हुई उसमें उनका नाम नहीं था। ऐसे में उन्होंने पार्टी के ही एक राष्ट्रीय पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाया है। जितेंद्र ने बताया कि वह पिछले सात साल से करछना विधानसभा में पार्टी से जुड़कर राजनीति कर रहे हैं। आरोप है कि तकरीबन 15 दिन पहले राष्ट्रीय पदाधिकारी प्रयागराज स्थित एक कांग्रेस नेता के आवास पर आए थे। वहां पहुंचकर टिकट की मांग की तो पदाधिकारी ने पांच लाख रुपये की मांग की। रकम की व्यवस्था नहीं होने पर टिकट देने से मना कर दिया। अब यह मामला इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस प्रकरण में यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सहजादुल हक, प्रदेश सचिव जीशान अहमद, अध्यक्ष राजू खान, जिला उपाध्यक्ष सत्यम सिंह और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक शुक्ल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। फिलहाल कांग्रेस के जिम्मेदारों का कहना है कि यह टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी है। फिलहाल आरोप पूरी तरह से निराधार है। टिकट पर शीर्ष नेतृत्व ही फैसला लेती है। जितेंद्र ने यह भी बताया कि उनके पास एक रिकार्डिंग है। इसमें प्रदेश स्तर के एक पदाधिकारी दूसरे से जितेंद्र की पैरवी कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि जितेंद्र अच्छा लड़ेगा। ऊपर भी बता दो। पार्टी ने उसको टिकट दिया है। जबकि उसकी पत्नी ने आवेदन तक नहीं किया था। आवेदन के लिए 11 हजार रुपये लिया गया है सबसे। उसकी पत्नी का दिखा दें कि उसने कब पैसा जमा किया।


