हरिद्वार में आनंद अखाड़े की पेशवाई में नागा संन्यासियों का अवधूती वैभव नजर आया

( अनुराग शुक्ला )हरिद्वार ( अनुराग दर्शन समाचार)। मध्य हरिद्वार स्थित एसएम जैन डिग्री कॉलेज से सुबह करीब 11 बजे पेशवाई शुरू हुई। पेशवाई ने पुराना रानीपुर मोड़, चंद्राचार्य चौक, खन्ना नगर, योगी विहार शंकर आश्रम सिंहद्वार होते हुए कनखल में प्रवेश किया।

पेशवाई में परंपरा अनुसार, सबसे आगे अखाड़े की ध्वजा चल रही थी। उसके पीछे हाथी और अखाड़े अखाड़े के देवता और अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि का रथ विराजमान था। आनंद अखाड़े को निरंजनी अखाड़े का छोटा भाई भी कहा जाता है।
आनंद अखाड़ा शाही स्नान में निरंजनी अखाड़े के साथ ही स्नान करता है। इसलिए अखाड़े की पेशवाई में निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव और मनसा देवी मंदिर के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमान राम रतन गिरि का रथ इन के बाद चल रहा था। स्वामी बालकानंद गिरि के ठीक पीछे नागा संन्यासियों की पूरी जमात कतारबद्ध होकर चल रही थी। नागा संन्यासी घोड़े और ऊंट पर भी सवार थे। पेशवाई में सैकड़ों की संख्या में शामिल नागा संन्यासी अपनी अवधूती आभा बिखेर रहे थे और अखाड़े के परंपरागत हथियारों और वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन कर रहे थे।

