दरियाबाद मे हुई तबलीग़ी मजलिस के आखरी दिन निकला इमाम हसन का ताबूत

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। अन्जुमन हाशिमया अमजदया की ओर से चार दिवसीय तबलीग़ी मजलिस के अन्तिम दिन दरियाबाद स्थित अहाता नवाब आग़ा अली खाँ मे आखरी मजलिस को मौलाना रईस अहमद जार्चवी ने खिताब करते हुए क़ुरान व हदीस की रौशनी मे खेताब करते हुए इल्म को हासिल करने पर ज़ोर दिया वहीं करबला के बहत्तर शहीदों का मार्मिक अन्दाज़ मे ज़िक्र किया।रसूल ए अकरम मोहम्मदे मुस्तफा के बड़े नवासे इमाम हसन की शहादत का भी ज़िक्र किया।मजलिस के बाद गुलाब और चमेली के फूलों से सजा ताबूत इमाम हसन का ताबूत भी ज़ियारत को निकाला गया।लोगों ने फूल माला व सूती चादर चढ़ा कर अक़ीदत का इज़हार किया।अन्जुमन हाशिमया के नौहाख्वान सफदर अब्बास डेज़ी ने ग़मगीन नौहा पढ़ा।सुबहा की मजलिस को मिर्ज़ा यासूब अब्बास व दोपहर की मजलिस को मौलाना असद यावर ने खिताब किया।आग़ा सरदार हुसैन खान, मंज़र अली खान, साबिर हुसैन, इज्जत साहब, डावर नवाज़ एम.गुलरेज , ज़ौरेज़ हैदर मशहद खान, नासिर आबिदी,सफदर अब्बास, दानिश नवाज़,जवार आबिदी,कमर आबिदी,नज़र अब्बास खान,यासिर सिबतान ,सै०मो०अस्करी आदि शामिल थे।


