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MP News प्रदेश भाजपा में अनेक दिग्गज नेताओं की नई पीढ़ी सियासी लांचिंग को तैयार

पीएम ने परिवारवाद को लोकतंत्र का दुश्मन बताया*

(संजय शुक्ला )
भोपाल ( अनुराग दर्शन समाचार)। भाजपा संसदीय दल की बैठक में यूपी चुनाव के बहाने परिवारवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो टूक विचार सुनकर मध्यप्रदेश के नेता-पुत्रों की नींद उड़ी हुई है। मिशन-2023 के मद्देनजर भाजपा में कई दिग्गज नेताओं की नई पीढ़ी के सियासी मैदान में जोर-शोर से लांचिंग की तैयारी में है।

पार्टी में एक-दो नहीं ऐसे नेताओं कल लंबी फेहरिस्त है जिनके बेटे-बेटी उनकी सियासी विरासत संभालने को आतुर हैं। लेकिन पीएम मोदी ने परिवारवाद को लोकतंत्र का दुश्मन बताते जिस अंदाज में प्रतिक्रिया दी हे उससे कई नेताओं की भावी प्लानिंग पर आशंकाएं गहरा गई हैं।

प्रदेश में जिन दिग्गज भाजपा नेताओं की नई पीढ़ी सियासी मैदान में उतरने के लिए कमर कस चुकी है उनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सहित केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंंद्र प्रताप, ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यन गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के पुत्र सुकर्ण, गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक और पूर्व सांसद प्रभात झा के बेटे तृष्मूल भी शामिल हैं।

इसी तरह पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन की बेटी मौसमी बिसेन, मंत्री विजय शाह, दिवंगत सांसद नंदकुमार चौहान के बेटे हर्षवर्धन, जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ, गौरीशंकर शेजवार के पुत्र समर्थ भी सियासी और चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। मुदित शेजवार तो एक बार चुनाव लड़कर हार चुके हैं।

दिग्गज नेताओं की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए आतुर उनकी युवा पीढ़ी अपनी मैदानी तैयारी कर चुकी है। कुछ नेता-पुत्र वर्ष 2018 के विधानसभा, लोकसभा और मंचीय सभाओं की नेट प्रेक्टिस कर चुके हैं। हालांकि इनमें कई युवा तुर्क पिछले कई वर्षों से अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र में कामकाज से लेकर अन्य जवाबदारियां भी संभाल रहे हैं। इसके पीछे यह भी प्लानिंग है कि आगे चलकर टिकट का दावा भी पुख्ता हो जाएगा।

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