प्रेस की आज़ादी पर हमला करने वाली योगी सरकार के खेलाफ सपा ने सुभाष चौराहे पर किया विरोध प्रदर्शन

प्रेस की आज़ादी पर हमला इमरजेंसी, अघोषित आपातकाल की पहचान है- ऋचा सिंह
( विनय मिश्रा
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज जिस तरह से सवाल पूछने और सच लिखने, दिखाने पर मीडिया हाउस पर आईटी के छापे डाले जा रहे हैं। वह न सिर्फ निदंनीय है। बल्कि लोकतंत्र पर बड़ा हमला है।
भारत समाचार और दैनिक भास्कर ने लगातार सरकार से निष्पक्ष होकर सवाल पूछे हैं।जवाबदेही तय की है,जनहितों की पत्रकारिता की है। वरिष्ठ पत्रकार बृजेश मिश्रा के घर एवं ऑफिस पर छापा सरकार के डर का परिचायक है । ऋचा सिंह ने कहा
कोविड महामारी के दौरान डॉक्टर्स को सीधे जनता से जोड़ने ऑक्सीजन दवाओं की कमी पर सरकार की जिम्मेदारी तय करना। कोरोना वॉरियर्स के मुद्दों को उठाना । गंगा में तैरती लाशें और अस्पताल-इलाज की कमी से दम तोड़ते लोगों की आवाज़ बनी है पत्रकारिता।पत्रकारिता पर हमला सरकार की बौखलाहट दर्शाता है और साथ ही सच से डर को भी । जनता 2022 में हिसाब करेगी । निदंनीय, बीजेपी शर्म करो-लोकतंत्र पर हमला बंद करो। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे हमले को लेकर आज सुभाष चौराहे, सिविल लाइंस पर डॉ ऋचा सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया इस दौरान बच्चा यादव, गुलाब यादव पिंटू, इमरान यूनुस, नदीम, सचिन दास, राहुल पटेल सुमित यादव, नौशाद, मंजू यादव, मंजू पाठक, निर्मला यादव, मंजीत, छोटू पासी, सिराज खान,अजय सम्राट, नवनीत यादव,वैभव,सै०मो०अस्करी समेत बड़ी संख्या में समाजवादी मौजूद रहे।


