हर्षोल्लास के साथ निकला त्रिशूल भगवान की शोभा यात्रा

6 दिसंबर 1992 में हो चुकी हिंदू राष्ट्र की स्थापना
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) ।
जय शिव सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अखाड़ा गुरु पंथ त्रिशूल भगवान यात्रा में अपने संबोधन में कहा कि 06 दिसंबर 1996 को गुलामी का प्रतीक कहा जाने वाला अयोध्या का श्री राम मंदिर का पुराना ढांचा गिर गया इसलिए अब हिंदू देवता के मंदिर की मुक्ति के बाद अब हिंदू राष्ट्र के लिए कोई संघर्ष बाकी नहीं है अब केवल हिंदू राष्ट्र के ढांचे को मजबूत करते हुए भारत के नियम विधान और संविधान में केवल कुछ संशोधन करना बाकी रह गया है। जो अब धीरे धीरे हो रहा है। आज महाशिवरात्रि के पर्व पर जय शिव सेना भारत की पुज्य पाद वेद रक्षित धर्मगुरु त्रिशूल भगवान की शोभा यात्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओंकारनाथ त्रिपाठी जी के नेतृत्व में सज धज के साथ निकाली गई । कोतवाली स्थित कोतवालेश्वर बाबा मंदिर में पूजा आरती की गई इसके उपरांत संपूर्ण यात्रा यहा से चल कर माता कल्याणी देवी मंदिर पहुंची मंदिर में सभी यात्रा संयोजकों द्वारा माता की आरती एवम मंदिर के पीठाधिश्वर द्वारा त्रिशूल भगवान की पूजा आरती एवम प्रसाद वितरण किया गया। साथ ही यही यात्रा का समापन हुआ। यात्रा में दर्जनों रथ ,झांकियां, बैंड बाजा ,घोड़े , एवम ध्वज पताकाएं यात्रा को बहुत ही सुजजित कर रही थी। संपूर्ण यात्रा में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष ओंकारनाथ त्रिपाठी महामंत्री राजेश केसरवानी,प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अभिषेक सिंह,विशाल साहनी ,बब्बन सिंह, सुधीर गेठे,दुर्गेश नंदिनी,बिरजू सोनकर, बादल केसरवानी,मोनू सेठ,अभिलाष केसरवानी तथा अनुज अग्रवाल जी ने संपूर्ण यात्रा व्यवस्था का दाईत्व संभाला । वही दिगंबर त्रिपाठी,राजीव बंटी,अवनीश शुक्ला,राजेश केसरवानी ,संतोष अग्रहरी,आनंद जी टंडन,अनूप केसरवानी जी ने संपूर्ण यात्रा मार्ग में मंचीय व्यवस्था को संभाला ।

