जश्ने विलादत इमाम हुसैन पर कहीं सजी महफिल तो कहीं लगाया गया निशुल्क आँखों की जाँच का शिविर

फैला हुआ है हर सू उजाला हुसैन का…..
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। पैग़म्बरे इसलाम हज़रत मोहम्मद ए मुस्तफा (स०अ०व०) के अज़ीज़ नवासे हज़रत इमाम हुसैन की यौमे विलादत तीन शाबान की शब से ही जश्न का आग़ाज़ हो गया। दरियाबाद व दायरा शाह अजमल मे शायराना महफिल सजाई गई।दरियाबाद मे बशारत हुसैन के आवास पर जहाँ शायरों ने अपने कलाम से महफिल को गुलज़ार बनाया वही ख्याती प्राप्त खतीब शब्बीर वारसी ने इमाम हुसैन की जीवन गाथा का बाखुबी वर्णन किया। वहीं दायरा शाह अजमल के बशारत मन्ज़िल मे रज़ा इसमाईल सफवी व ज़िया इसमाईल सफवी की ओर से जश्ने हुसैन के उनवान से महफिले मक़ासिदा का ऐहतेमाम किया गया। जिसमे शहर व बाहरी शायरों ने एक से बढ़ कर एक कलाम सुना कर वाह वाही बटोरी।महफिल का आग़ाज़ जलाल हैदर मुन्ना भाई की तिलावत ए हदीस ए किसा से हुआ।शफ़क़त अब्बास पाशा की निज़ामत मे शायर नायाब बलयावी ने पढ़ा सूरज हुसैन का है सितारा हुसैन का!
फैला हुआ है हर सू उजाला हुसैन का!!
डॉ क़मर आब्दी ने अपने तास्सूरात का कुछ इस अन्दाज़ मे इज़हार किया उस को खुदा ज़रुर मिलेगा हुसैन का!
जिसको है दस्तयाब वसीला हुसैन का!!
शायर अनवार अब्बास ने पढ़ा। बड़े वक़ार बड़े हौसले से बोलता है!
बुरीदा हल्क़ बुरीदा गले से बोलता है!!
शायर रौनक़ सफीपुरी ने पढ़ा तीसरी शाबाँ है नूरे हज़रते शब्बीर है!
अज़ ज़मीं ता आसमाँ इक नूर की ज़न्जीर है!
खोल तो दी आँख नाना की ज़ियारत के लिए!
बन्द मुठ्ठी में मगर इसलाम की तक़दीर है!!
इनके अलावा शायर ज़की अहसन ,अनवर कमाल ,मौलाना आमिरुर रिज़वी ,मिर्ज़ा काज़िम ,हैदर करारवी ,जावेद रिज़वी करारवी हसनैन मुस्तफाबादी ,इतरत नक़वी ,अमन दरियाबादी ,दानयाल दरियाबादी ,जलाल सिरसिवी ,अम्बर साहब आदि शायरों ने देर रात तक चली शायराना महफिल को गुलज़ार बनाए रखा।महफिल के अन्त में डॉ रिज़वान हैदर साहब ने इमाम हुसैन की विलादत से मुताल्लिक तक़रीर की।उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सै०मो०अस्करी के अनुसार हज़रत इमाम हुसैन की यौमे विलादत 3 शाबान सोमवार को जहाँ दरियाबाद स्थित इमाम हुसैन की दरगाह पर शैदाईयों का जमावड़ा दिन भर रहेगा वहीं नज़्रो नियाज़ व जगहाँ जगहाँ शरबत और मिठाई व फलों का स्टाल भी लगाया जायगा।इसी पुरमसर्रत मौक़े पर नैनी के दाँदूपूर मे मौलाना हैदर अब्बास साहब की ओर से मदरसा इमाम ए अस्र मे निशुल्क नेत्र शिविर लगाया गया जहाँ तक़रीबन दो सौ पच्चीस लोगों के आँखों की नेत्र विशेषज्ञों द्वारा जाँच करने के उपरान्त मुफ्त चश्मा , दवाई व आईड्रॉप भी दिया गया।70 मरीज़ो की आँखो मे मोतियाबिंद पाया गया जिनका मौलाना हैदर अब्बास व मदरसा संचालकों व स्वयं सेवीयों की मदद से निशुल्क ऑपरेशन जल्द करवाया जायगा।महफिल में आने वालों का आयोजक रज़ा इसमाईल सफवी व ज़िया इसमाईल सफवी ने शुक्रिया अदा किया। मौलाना रज़ी हैदर ,मौलाना जवादुर हैदर रिज़वी ,मौलाना सरफराज़ हुसैन ,मंज़र कर्रार ,हसन नक़वी सै०मो०अस्करी अली आला ज़ैदी ,काज़िम अब्बास ,अहमद जावेद ,शाहिद अब्बास रिज़वी ,बब्बू भाई ,सूफी हसन ,ज़ामिन हसन ,अस्करी अब्बास ,शबीह अब्बास जाफरी ,शाह हुसैन ,शाह अब्बास ,अर्श अब्बास ,अली आबिद ज़ोहान ,अकबर अब्बास आदि महफिल मे शामिल रहे।



