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होलीः भीड का दबाव हो सकता है दिल के मरीजों के लिए जानलेवा

भीड ज्यादा है तो बाहर से ही दर्शन करेंः डा.जैन

मथुरा( अनुराग दर्शन समाचार )। होली के हुडदंग में सेहत का भी ध्यान रखें। उत्साह में चिकित्सकों की दी गई सलाक को न भूलें। खास कर वह लोग जिन्हें कुछ बीमारियां हैं। दिल की मरीज, ओवर वेट और डायबिटिक हिस्ट्रीवाले मरीज इस दौरान सावधानी बरतें, अन्यथा की स्थिति में लापवारही आप पर भारी पड सकती है। ऐसे में दिल के मरीजों के लिए भीड भडक्का कई बार घातक साबित हो सकता है। लठामार होली के दिन बरसाना में और इसके अगले दिन वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर पर इसी तरह की घटना हुई। हाल ही में बांकेबिहारी मंदिर पर हाल ही में यह इस तरह की दूसरी घटना हुई है। ऐसे में चिकित्सकों ने हिदायत दी है कि हार्ट से जुडी परेशानियों से ग्रसित और अधिक वजन की समस्या से जुझ रहे लोग ऐसे स्थानों पर जाने से परहेज करें जहां ज्यादा भीडभाड रहती है। भीड का दबाव कई बार ऐसे मरीजों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। वृंदावन के सौ सैय्या अस्पताल के सीएमएस डा.संजीव कुमार जैन ने बताया कि ऐसे लोगों को भीड भडक्के से बचना चाहिए। ऐसे मरीज जो होते हैं उनको आक्सीजन की कमी तुरंत होती है। ये लोग भीडभाड के बीच बिल्कुल न जाएं, यदि आपको लगता है कि भीड ज्यादा है तो ये लोग बाहर से ही दर्शन करें। कई बार दबाव इतना अधिक पड जाता है कि मरीज को एक दम से स्ट्रेच (तनाव) हो जाता है। हार्ट अटैक की परेशानी में कार्डियक अटैक होता है। वह टैंशन की वजह से होता है। ऐसे में टैंशन ज्यादा होने पर एंजाइना पेन बढ जाता है। आक्सीजन की कमी, तनाव और दबाव इन तीनों चीजों से ऐसे मरीजों को बचना चाहिए और बुजुर्ग लोगों को जिनका बजन बहुत ज्यादा है। उनको खास तौर से, फैटी लोगों को यह परेशानी ज्यादा होती है। सीएमएस सौ सैय्या अस्पताल वृंदावन, डा.संजीव कुमार बोले कि खास तौर पर मेरा यह मानना है कि वीक एण्ड पर शनिवार इतवार में यहां बहुत ज्यादा लोग आते हैं। इनमें दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं की संख्या भी ज्यादा होती है, ऐसे में इन दो दिन शनिवार और इतवार को बुजुर्ग और ऐसे मरीज न आएं। अगर भीडभाड ज्यादा हो तो बाहर से ही दर्शन करें।

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