शिवरात्रि पर होगा कुंभ मेले का पहला शाही स्नान

हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार) महाशिवरात्रि पर हरिद्वार महाकुंभ का पहला शाही स्नान है। इस स्नान में सभी 14 अखाडों के लाखों नागा साधु गंगा नदी में डुबकी लगाएंगे। इनके बाद आम श्रद्धालु स्नान करेंगे। आदिगुरु शंकराचार्य ने नागा साधुओं के अखाड़ों की स्थापना की थी। ये अखाड़े अपने-अपने नागा साधुओं के साथ कुंभ मेले में जरूर पहुंचते हैं। हरिद्वार के अलावा प्रयागराज, नासिक और उज्जैन में कुंभ मेला लगता है। 12-12 साल में इन चारों जगहों पर कुंभ मेला आयोजित होता है। कुंभ मेले में नागा साधु सभी के आकर्षण का केंद्र होते हैं। सभी साधु अलग-अलग अखाड़ों से संबंधित होते हैं। प्रयागराज कुंभ में किन्नर अखाड़े को भी मान्यता दी गई। इसके बाद अखाडों की कुल संख्या 14 हो गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान पवित्र गंगा नदी में स्नान करना शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान गंगा में तीन डुबकी लगाने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।


