चहेतों को नियुक्ति दिलाने का राजफाश यूपीपीएससी: विवादों में है एपीएस भर्ती-2010

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) की अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती 2010 में चहेतों को नियुक्ति दिलाने का राजफाश हुआ है। विशेष सचिव स्तर के अफसर ने बिना उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के प्रस्ताव का अवलोकन किए चयन का नियम बदल दिया। इसमें शासन की भी सहमति नहीं ली गई, फिर भी हाईकोर्ट और शीर्ष कोर्ट में भर्ती का मानक बदलने का हलफनामा भी दाखिल किया गया। जांच में यह सामने आने पर विशेष सचिव और अन्य को आरोपपत्र सौंपकर 15 दिन में जवाब मांगा गया है।
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती 2010 शुरू से विवादों में हैं। 250 पदों की भर्ती में चहेतों को नियुक्ति दिलाने के गंभीर आरोप हैं। भर्ती की आशुलिपिक परीक्षा में गलती की छूट पांच प्रतिशत तक दिए जाने का प्राविधान है। इसे बढ़ाकर आठ प्रतिशत कर दिया गया। इस संबंध में न्याय व कार्मिक विभाग से परामर्श भी नहीं किया गया। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग से जारी प्रस्ताव का अवलोकन किए बिना प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया गया।
इस संबंध में एसएलपी दाखिल हुई जिसमें यह हलफनामा दाखिल किया गया कि नियमों में बदलाव करने का अधिकार है। हाई कोर्ट में याचिका खारिज हुई तो शीर्ष कोर्ट में प्रकरण पहुंचा तो वहां भी ऐसा ही हलफनामा दाखिल किया गया। प्रकरण तूल पकडऩे पर शासन ने इसका संज्ञान लिया और तत्कालीन विशेष सचिव शिवकुमार शुक्ल को आरोपपत्र सौंपकर 15 दिन में जवाब मांगा है। इस मामले में आयोग से लेकर सचिवालय सहित कई बड़े अधिकारी (अनुभाग व समीक्षा अधिकारी) घेरे में हैं।


