भारत के जर्रे जर्रे में भगत सिंह का इंकलाब आज भी गूंजता है- राजेश केसरवानी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। अमर शहीद क्रांतिकारी श्रद्धांजलि ग्रुप प्रयागराज के तत्वाधान में राजा 12 मुट्ठीगंज स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क में शहीदी दिवस के अवसर पर सरदार भगत सिंह सुखदेव एवं राजगुरु जी को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस अवसर पर श्रद्धांजलि ग्रुप के अध्यक्ष राजेश केसरवानी ने कहा कि 23 मार्च को तीन स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया था.
बेहद कम उम्र में इन वीरों ने मातृभूमि की आजादी के लिए लिए लड़ाई लड़ी और इसी उद्देश्य के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी. कई युवा भारतीयों के लिए भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव प्रेरणा के स्रोत बने हैं. ब्रिटिश शासन के दौरान भी, उनके बलिदान ने कई लोगों को आगे आने और अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया. यही कारण है कि इन तीनों क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत 23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में मनाता है. क्योंकि आज भी भारत के जर्रे जर्रे में भगत सिंह का इंकलाब का नारा गूंजता है
और कहा कि भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 में पंजाब के बंगा गांव में हुआ था. वे स्वतंत्रता सेनानी के परिवार में पले बढ़े और छोटी आयु में उन्हें फांसी दे दी गई. राजगुरु का जन्म 24 अगस्त 1908 में पुणे में हुआ था। वे हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी में भी शामिल हुए थे और सुखदेव जी का पंजाब प्रांत के लुधियाना में 15 मई 1907 में हुआ था. उन्होंने पंजाब और उत्तर भारत में क्रांतिकारी सभाएं की और लोगों के दिलों में जोश पैदा किया और लाला लाजपत राय की हत्या के बाद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, आजाद और कुछ अन्य लोगों ने आजादी के लिए संग्राम का मोर्चा संभाला और
अंग्रेजी शासन के हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाते हुए उन्होंने पब्लिक सेफ्टी और ट्रेड डिस्ट्रीब्यूटर बिल के विरोध में 8 अप्रैल, 1929 को सेंट्रल असेंबली में बम फेंके और जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा लगा रहे थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर हत्या का आरोप लगाया गया। हत्या के आरोप में 1931 में उन्हें 23 मार्च को लाहौर जेल में तीनों को फांसी दे दी गई. देश की आजादी के लिए मर मिटने वाले ये वीर सूपत आज भी हमारे दिलों में जिंदा हैं. और नौजवानों के लिए प्रेरणा स्रोत है। कार्यक्रम का संचालन अभिलाष केसरवानी ने किया । इस अवसर पर और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से श्रीमती कुसुम लता जी रश्मि जायसवाल बबीता जायसवाल विकास चौरसिया अभिलाष केसरवानी सरदार पतिविंदर सिंह ,सरदार दलजीत सिंह विवेक अग्रवाल प्यारे लाल जायसवाल किशोरी लाल जायसवाल मनोज मिश्रा किशन जायसवाल रजनीकांत अतुल खन्ना अजय अग्रहरि परमानंद वर्मा कमलेश केशरवानी शारदा ओझा विवेक त्रिपाठी संतोष अग्रहरि लालबाबू सुनील केसरवानी नीरज केसरवानी राजेंद्र वर्मा विश्वास श्रीवास्तव शिवांश भार्गव सचिन मोदनवाल अभिषेक सिंह सहित सैकड़ों सम्मानित नागरिक गणों ने भारत माता की जय वीर भगत सिंह सुखदेव राजगुरु अमर रहे का नारा लगाते हुए वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।



