मुख्तार अंसारी के एंबुलेंस प्रकरण में डा. अलका राय हुई गिरफ्तार

बाराबंकी पुलिस ने एंबुलेंस प्रकरण में गैंगेस्टर लगने के बाद पुनः गिरफ्तार हुई अलका राय एवं उनका सहयोगी शेषनाथ राय
डा. अलका राय ने कहा मैं निरपराध हूं मुझे फंसाया गया है
मऊ( अनुराग दर्शन समाचार )। नगर क्षेत्र में श्याम संजीवनी हास्पीटल की संचालिका स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अलका राय की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है, बताते चलें मुख्तार अंसारी जिस बुलेटप्रूफ एंबुलेंस से चलता था वह श्याम संजीवनी अस्पताल बाराबंकी के नाम से रजिस्टर्ड था तथा उसकी संचालिका डा. अलका राय थी।
कैसे प्रकाश में आया यह मामला
हरियाणा के रोपण जेल में बंद मुख्तार अंसारी को जब पेशी पर लाया जा रहा था तो उस समय मीडिया के कैमरे में बुलेटप्रूफ एंबुलेंस का नम्बर हाइलाइट हो गया और जब इसके नंबर की जांच की गई तो पता चला कि यह बाराबंकी के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका अलका राय के नाम पर रजिस्टर्ड है।
कैसे फंसी डा. अलका राय
पुलिस अभी एंबुलेंस प्रकरण की जांच ही कर रही थी कि अलका राय ने जल्दबाजी दिखाते हुए तुरंत प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी सफाई देने लगीं और मीडिया के सवालों में फंसकर अलका राय ने बताया कि उनके सहयोगी ने गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के फार्म पर हस्ताक्षर कराए आगे बताया कि चुकिं मुख्तार मऊ सदर से विधायक हैं और जनसेवा के लिए मैंने एंबुलेंस उपलब्ध कराया। जैसे ही यह बयान मीडिया में फ्लैस हुआ बाराबंकी पुलिस पूछताछ के लिए अलका राय और उनके सहयोगी शेषनाथ राय को गिरफ्तार करके बाराबंकी ले गई और बाद में कोर्ट में पेशकर अप्रैल 2021 में जेल भेज दिया। इसके अलावा भी पुलिस ने मुख्तार के कई करीबियों को आरोपी बनाया था। जिसमें से डॉ अलका राय और उनके सहयोगी शेषनाथ राय 22 दिसंबर 2021 को लगभग 8 महीने बाद जेल से जमानत पर रिहा हुए ।
गैंगस्टर लगने के बाद पुनः हुई गिरफ्तारी
एंबुलेंस प्रकरण में शासन द्वारा अलका राय समेत कुल 13 लोगों पर 27 मार्च 2022 को गैगेस्टर लगा दिया गया और बाराबंकी की पुलिस टीम सोमवार को जनपद मुख्यालय पर आ धमकी गैगेस्टर लगने के तुरंत बाद डा० अलका राय को मऊ पुलिस ने नजरबंद कर दिया था इसके बाद मंगलवार की अलसुबह शेषनाथ राय एवं अलका राय को गिरफ्तार कर बाराबंकी पुलिस अपने साथ ले गई।
अलका राय ने खुद को बताया बेकशूर
जिले की जानी-मानी चिकित्सक का जुड़ा नामजिले की जानी-मानी चिकित्सक और तत्कालीन भाजपा की महिला मोर्चा की क्षेत्रीय महामंत्री डॉ अलका राय ने खुद को बेकसूर बताया है उन्होंने कहा कि मैं 8 महीने जेल में रह करके आई हूं वह भी उस प्रकरण में जिसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता है और मैंने सारे सबूत दे दिए थे जिस एंबुलेंस के लिए मुझे जेल में रखा गया मुझे जानकारी भी नहीं थी कि ऐसा कोई एंबुलेंस है। मैं बाराबंकी में मेरा कोई हॉस्पिटल था और ना ही मेरा बाराबंकी से कोई नाता है। पिछले 2 महीने से अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रही हूं। पहले 420 का मुकदमा लगा और अब गैंगस्टर एक्ट लगा दिया गया है। मेरे साथ अन्याय हो रहा है।



