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बुराई पर अच्‍छाई की जीत शहर के चौराहे चौराहे पर जला होली का

( अनंत पांडे / विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। होलिका दहन करने से आपके घर में सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और परिवार में सुकून शांति स्‍थापित होती है। आपके अंदर जो भी बुराइयां होती हैं वह होली की अग्नि में जलकर समाप्‍त हो जाती हैं।

कब होगा होलिका दहन

होलिका दहन रविवार 28 मार्च 2021 को किया जाएगा। होलिका दहन का मुहूर्त रविवार को सुबह 06 बजकर 37 मिनट से लेकर शाम 08 बजकर 56 बजे तक का बताया जा रहा है। माना जाता है कि होलिका दहन करने से पहले होलिका की पूजा करने से आपके मन से सभी प्रकार के भय दूर होते हैं और ग्रहों के अशुभ प्रभाव में भी राहत‍ मिलती है। होलिका की पूजा में ही य‍ह कथा भी पढ़े जाने का चलन काफी समय से चला आ रहा है।

होलिका दहन की पौराणिक कथा

असुर राज हिरण्‍यकश्‍यप को अपनी ताकत और शक्तियों पर घमंड हो गया था और वह खुद को ही भगवान मानने लगा था। वह यह चाहता था कि उसकी पूरी प्रजा भगवान की नहीं बल्कि उसकी ही पूजा करे। यहां तक कि उसने अपने राज्‍य में भगवान की पूजा करने पर रोक लगा दी और यह आदेश दे डाला कि अगर कोई भगवान की पूजा करेगा तो उसे सजा दी जाएगी। उसका पुत्र प्रह्लाद ही उसे भगवान मानने को तैयार नहीं था और वह श्रीहरि का परम भक्‍त था। वह हर वक्‍त श्रीहरि का नाम ही जपता था और इस बात से हिरण्‍यकश्‍यप उससे बेहद नाराज रहता था। उसने कई बार प्रह्लाद को पूजा पाठ करने से रोका, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। फिर उसने राक्षसी और अपनी बहन होलिका से मदद मांगी।

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