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हिन्दुस्तानी एकेडमी प्रयागराज के 95वें स्थापना दिवस एवं विद्वत् सम्मान समारोह संपन्न

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। हिन्दुस्तानी एकेडमी प्रयागराज के 95वें स्थापना दिवस एवं विद्वत् सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि डॉ नरेन्द्र कुमार सिंह गौर ने कहा कि हिन्दुस्तानी एकेडमी प्रतिवर्ष वरिष्ठ विद्वानों और अपने कर्मचारियों को सम्मानित करती है। जिस संस्था के कर्मचारी एकजुट होकर काम करेंगे उस संस्था की प्रगति होगी। मंगलवार को गांधी सभागार में आयोजित समारोह में पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने आगे कहा कि हिन्दुस्तानी एकेडेमी की प्रगति हुई और होनी भी चाहिए। एकेडेमी प्रयागराज की धरोहर है। आज इस अवसर पर हम सभी हिन्दी को अपनाने का संकल्प लेते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि हिन्दुस्तानी एकेडेमी शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर है। कहते हैं कि, जो व्यक्ति 90 वर्ष का हो जाता है वह शतक तो मार ही लेता है। हिन्दुस्तानी एकेडेमी 2027 में अपना शताब्दी वर्ष मनायेगी। देश में जितनी भी संस्थाएं हैं वह आजादी के बाद स्थापित हुई हैं। उन्होंने कहा हिन्दी साहित्य सम्मेलन, नागरी प्रचारणी सभा और हिन्दुस्तानी एकेडेमी आजादी से पहले स्थापित हुई है। कहा कि हिन्दुस्तानी एकेडेमी हिन्दी, उर्दू, अवधी बुन्देली ब्रजभाषा के विकास एवं संरक्षण के लिये निरंतर प्रयासरत है। एकेडेमी प्रतिवर्ष 11 विद्वानों का सम्मान करती हैं। इस वर्ष पूरे प्रदेश भर के विद्वानों में से 11 विद्वानों को सम्मानित किया जा रहा है। इस अवसर पर डॉ नरेन्द्र कुमार सिंह गौर एवं एकेडेमी अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह द्वारा 10 विद्वत् विभूतियों राजकुमार शर्मा प्रयागराज, बद्री प्रसाद सिंह, भारतीय पुलिस सेवा प्रयागराज, ब्रजदेव पाण्डेय मिरजापुर, सुरेन्द्र अग्निहोत्री ललितपुर, प्रताप गोपेन्द्र भारतीय पुलिस सेवा प्रयागराज, फतेह बहादुर सिंह कवि प्रयागराज, बाबूराम त्रिपाठी कथाकार वाराणसी, डॉ. मंगला प्रसाद सिंह कवि वाराणसी, डॉ. रामसनेही लाल शर्मा ‘यायावर’ फिरोजाबाद को स्मृति चिह्न, शाल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
तत्पश्चात एकेडेमी में कार्यरत 19 कार्मिकों गोपाल पाण्डेय, श्रीमती ज्योर्तिमयी, रतन पाण्डेय, संतोष कुमार तिवारी, सुनील कुमार, अमित कुमार सिंह, अंकेश कुमार श्रीवास्तव, अनुराग ओझा, मोहसीन खाँ, रामअचल मिश्रा, रामकिशुन, ओमप्रकाश मौय, श्रीमती सुनैना सिंह, विजय बहादुर सिंह, राम खेलावन, शशिपाल, डॉ. प्रीति सिंह, शैलेन्द्र शरण श्रीवास्तव, श्रीमती सुनीता को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। अतिथियों का धन्यवाद करते हुए एकेडेमी सचिव देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि हिन्दुस्तानी एकेडेमी उत्तर प्रदेश की प्राचीनतम संस्थाओं में से एक है। आज से 95 वर्ष पहले 29 मार्च 1927 को हिन्दुस्तानी एकेडेमी अपने जिन उद्देश्यों को लेकर स्थापित हुई उसका संवर्धन एवं विकास आज भी प्राथमिकताओं में है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनम्रसेन सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विद्वतजनों में शान्ति चौधरी, उमेश श्रीवास्तव, पीयूष मिश्र, डॉ. जूही शुक्ला, डॉ. एम.एस खान, उर्वशी उपाध्याय आदि शामिल रहे।

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