भारती भवन पुस्तकालय का 132वा स्थापना दिवस मनाया

(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दिसम्बर का महीना प्रयागराज के लिए कुछ विशेष है । इसी महीने में महामना मालवीय का जन्म दिन मनाया जाता है तो वहीं दिसम्बर की 15 तारीख को भारती भवन जैसे ऐतिहासिक पुस्तकालय की स्थापना हुई । लाला ब्रज मोहन लाल भल्ला, महामना मालवीय, पंडित बालकृष्ण भट्ट, राजर्षि टण्डन, लाला राजाराम, लाला रामचरणदास और लाला मनमोहन दास आदि जैसे महापुरुषों के योगदान का फल है भारती भवन पुस्तकालय।
एक चबूतरे से कुछ लोगों के जुनून से शुरू हुआ सफर आगे चलकर भारती भवन लाइब्रेरी के रूप में सामने आया । महामना मालवीय मिशन और इण्टैक संस्था के समन्वित प्रयास से इस पुस्तकालय को डिजिटल और सुव्यवस्थित लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने का प्रयास चल रहा है, जो आगे चलकर सुखदा परिणाम देगा, यह विश्वास है।
उक्त बातें मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज और महामना मालवीय मिशन के सचिव प्रमोद द्विवेदी ने भारती भवन पुस्तकालय के सभागार में पुस्तकालय के 132 वें स्थापना दिवस समारोह में व्यक्त किए ।
इण्टैक संस्था के वैभव मैनी के अनुसार इण्टैक और महामना मालवीय मिशन के सहयोग से यह लाइब्ररी और उन्नत और विकसित होगी । प्रयास है कि यहाँ की जर्जर पुस्तकों का संरक्षण हो ।
भारती भवन पुस्तकालय न्यास की मंत्री डा0 मुक्ति व्यास ने उन पूर्वजों को याद किया जिनके प्रयास से यह लाइब्रेरी आज इतने समृद्ध रूप में दिख रही है । इसमें महामना, भल्ला परिवार, टण्डन जी और सुनीत व्यास की भूमिका सदैव याद की जाएगी ।
इण्टैक के शरद पाण्डेय, वरिष्ठ छायाकार पत्रकार अरविन्द मालवीय ने भी विचार रखे ।
समारोह का समापन भारती भवन पुस्तकालय न्यास के मानित सदस्य रहे वरिष्ठ पत्रकार स्व० डा० रामनरेश त्रिपाठी जी के प्रति दो मिनट के मौन और शोक व्यक्त करने के साथ हुआ ।
प्रधानाध्यापिका श्रीमती पूर्णिमा मालवीय ने स्वागत किया ।
संचालन व्रतशील शर्मा तथा आभार पुस्तकालयाध्यक्ष स्वतंत्र पाण्डेय ने व्यक्त किया ।
आजाद पाण्डेय, सुधांशु, नीलेश नारायण, राजेश मालवीय, राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, पुनीत चौरसिया, जीशान अहमद, तनिष्का पाण्डेय, रचित आदि उपस्थित रहे ।




