राम कथा सुनने से मन के सभी संवाद मिट जाते हैं – व्यास राजेंद्र जी

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। श्री नव संवतसर मानस समिति मां कल्याणी देवी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा में मानसमर्मज्ञ व्यास पंडित राजेंद्र जी महाराज ने भगवान राम के गुण स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया कि त्रेता युग में भगवान शंकर जी स्वयं माता सती के साथ देश के दक्षिण प्रांत में ऋषि कुम्मज के पास श्री राम कथा सुनने के लिए गए। वहां शंकर भगवान ने ऋषि से भगवान राम की कथा सुनाने का निवेदन किया। सती माता ने कहां सब तो आप की कथा सुनते हैं आप किस राम की कथा सुनने आए हैं। ऋषि कुम्मज भगवान राम की कथा सुनाते हुए बताया कि राम कथा शशि किरण समाना। अर्थात श्री राम की कथा चंद्रमा की भांति मन आत्मा व चिन्त को शांति शीतलता प्रदान करने वाली है। भगवान राम कथा सुनने से मन के सभी संवाद मिट जाते हैं। भगवान शंकर ने भगवान राम की कथा सुनी आनंद मग्न होकर सुनी किंतु पार्वती जी को राम जी की कथा रुचिकर नहीं लगी। कथा सुनकर वापस लौटते समय भगवान राम सीता के हरण के कारण विलाप करते हुए शंकर भगवान को दिखाई पड़े। शंकर भगवान ने उन्हें प्रणाम किया। तब सती मां ने पूछा कि सारा संसार तो आपको प्रणाम करता है आप इन को प्रणाम कर रहे हैं यह कौन है। भगवान शंकर ने बताया कि यही हमारे ईष्ट भगवान राम है। किंतु सती माता को विश्वास नहीं हुआ। श्री नव संवतसर मानस समिति के संयोजक पंडित सुशील पाठक ने बताया कि 10 अप्रैल तक सांय 7:30 से 11:00 बजे तक श्री राम कथा प्रातः 5:00 से 1:00 बजे तक मां कल्याणी का पूजन सांय 6:00 से 12:00 तक मां कल्याणी का प्रतिदिन नूतन भव्य श्रृंगार व झांकी दर्शन सांय 6:00 बजे आरती होगी।



