
अमृतसर। अमृतसर में दशहरा पर रावण दहन के दौरान अधजला पुतला गिरने से मची भगदड़ के कारण 60 लोग ट्रेन से कट गए। मरने वालों ज्यादातर उत्तर प्रदेश व बिहार के निवासी हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। 150 से ज्यादा घायल हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब रेल ट्रैक पर दौ सौ मीटर तक शव व घायल बिखरे पड़े थे। लोग अपनों को ढूंढते दिखे। कई शव इतने टुकड़ों में कट गए कि उन्हें समेटना नामुमकिन था।
#WATCH Eyewitness at #Amritsar accident site says, "Congress had organised Dussehra celebrations here without permission. Navjot Singh Sidhu's wife was the chief guest at the celebrations and she continued to give a speech as people were struck down by the train." pic.twitter.com/rcsxbVxiB9
— ANI (@ANI) October 19, 2018
पीएम ने दो-दो लाख देने की घोषणा की : भीषण हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक जताया है। पीएम ने मृतक के परिजनों को दो-दो लाख देने की घोषणा की है।
ऐसे हुआ हादसा : अधजला पुतला गिरने के बाद दहशत में लोग मैदान से रेल पटरी की तरफ दौड़े। इसी दौरान अप ट्रैक पर जालंधर से अमृतसर आ रही डीएमयू ट्रेन की चपेट में आ गए। लोग बचने के लिए साथ लगते डाउन ट्रैक पर भागे। वहां अमृतसर से हावड़ा जा रही ट्रेन आ गई और लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
ड्राइवर को पता नहीं चला : अमृतसर-हावड़ा ट्रेन के ड्राइवर का दावा है कि उसे हादसे की जानकारी करीब डेढ़ घंटे बाद फगवाड़ा पहुंचने पर मिली। जैसे ही ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो रेलवे अधिकारियों ने गार्ड और ड्राइवर को उतार कर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने ट््रेन की तकनीकी जांच कर दूसरे स्टाफ के साथ रवाना कर दिया। ट्रेन के ड्राइवर जगबीर सिंह व गार्ड पन्ना लाल सहारनपुर हेडक्वार्टर से हैं। ड्राइवर जगबीर सिंह ने बताया कि जब उनकी ट्रेन अमृतसर में हादसे वाले स्थल से निकली थी तो उस वक्त पटरियों के आसपास भीड़ थी और पुलिस उन्हें हटा रही थी। जब वह निकले तो उनका ट्रैक साफ था। उन्हें तो फगवाड़ा पहुंचने पर डीआरएम का फोन आया कि वहां हादसा हुआ है।
जिम्मेदार कौन :
-जिला प्रशासन और दशहरा कमेटी ने पूरी तरह लापरवाही बरती। बिना इजाजत हो रहा था कार्यक्रम।
-कार्यक्रम को देखते हुए रेलवे क्रासिंग पर अलार्म की व्यवस्था नहीं थी।
-ट्रेन को रोकने या गति धीमी रखने का कोई इंतजाम नहीं था।
शोर में सुनाई नहीं दी ट्रेन की आवाज :
जब अधजला पुतला गिरा तो लोग उस समय वीडियो बना रहे थे और पटाखों के शोर में उन्हें ट्रेन के आने की आवाज नहीं सुनाई दी।
शहर में कहीं नहीं है दशहरा मनाने की मंजूरी :
पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि महानगर में कई जगहों पर रावण के पुतले जलाए गए हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कहीं भी मंजूरी नहीं दी गई। पांच हजार के आसपास पुलिसकर्मी इतनी ज्यादा जगहों पर भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन राजनेताओं के जोर व जिद के सामने पुलिस की एक नहीं चलती। इसके कारण इस तरह के हादसे होते हैं।
दर्दनाक दशहरा
-रेल ट्रैक के पास मैदान में अधजला पुतला गिरने से मची भगदड़
-अप ट्रैक पर ट्रेन आई तो डाउन ट्रैक पर गए, वहां भी ट्रेन आ गई
-दो सौ मीटर के दायरे में बिखर गए शव, कई टुकड़े-टुकड़े हुए
-रेलवे ने जारी किए हेल्प लाइन नंबर- 0183-2223171, 0183-2564485
-मरने वाले ज्यादातर उत्तर प्रदेश व बिहार के
-मृतकों के परिवारों को सात-सात लाख का मुआवजा, घायलों को 50 हजार
-राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने जताया शोक
-रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बीच में ही रद किया अपना अमेरिकी दौरा
-पंजाब में आज बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज और दफ्तर
खुले रहेंगे सभी अस्पताल : घटनास्थल पर रेलवे व पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने पहुंच कर राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
पंजाब सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया है। साथ ही सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को खुले रहने को कहा गया है।



