जग के पालनहार हैं प्रभु श्रीराम- शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक एवं नागेश्वर धाम के शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने कहा है कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जग के पालनहार हैं और प्रत्येक भारतवासी के कण-कण में विराजमान हैं। उनका आदर्श पूर्ण जीवन भारत की महान विरासत को दर्शाता है। सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना चाहिए। नागेश्वर धाम कुरुक्षेत्र आश्रम में श्रद्धालु भक्तों को प्रभु श्रीराम की महिमा का सार समझाते हुए शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता का परित्याग कर 14 वर्ष का कठोर वनवास काटा और संपूर्ण मानव जाति को सच्चाई और आदर्श पूर्ण जीवन जीने का संदेश दिया शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने कहा प्रभु श्री राम अविनाशी परमात्मा हैं। जो सब का सृजन हार करते हैं और जो पूर्ण मोक्षदायक एवं स्वयंभू है। जिनके नाम स्मरण मात्र से व्यक्ति में उत्तम चरित्र का निर्माण होता है। भारत में जब भी सुराज की बात होती है। तब रामराज्य का उदाहरण दिया जाता ह।ै भगवान राम बचपन से ही शांत स्वभाव के वीर महापुरुष थे। जिन्होंने मर्यादाओं को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम से जाना जाता है। जो श्रद्धालु भक्त प्रभु राम की शरण में आ जाता है। उसके जन्म जन्मांतर के पापों का शमन होता है और उसे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज ने बताया प्रभु श्रीराम अपने भक्तों पर कृपा बरसाने वाले हैं। प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीराम के समान सहनशीलता और धैर्य का गुण अपनाना चाहिए और विषम परिस्थिति में भी नीति सम्मत रहना चाहिए। यही उनके आदर्श पूर्ण जीवन से हमें प्रेरणा प्राप्त होती है।



