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सरकार और किसान के बीच भरोसे का संकट आ गया है- नरेन्द्र सिंह

मेजा प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) l केंद्र सरकार के नए कृषि कानून से कृषि क्षेत्र में उपजे संकट और अन्नदाता किसानों की बदहाली के लिए दोषी भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के समर्थन में सुक्रवार को सपाईयों ने अलाव के पास बैठकर किसानों के साथ संघर्ष में शामिल रहने का वादा किया l सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पूरे प्रदेश में गांव गांव चलाए गए इस अभियान को “किसान घेरा कार्यक्रम” का नाम दिया गया है l मेजा क्षेत्र में सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रदेश सचिव नरेंद्र सिंह ने अपने गाँव भड़ेवरा में अलाव के पास इकट्ठे सैकड़ों किसानों की चौपाल मे चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानून से किसानों के साथ-साथ देश की जनता के ऊपर पड़ने वाले असर से किसान तकलीफ मे हैं l उन्होने कहा कि यह कानून कृषि क्षेत्र को बर्बाद कर देने वाला, किसानों को गुलाम बनाए रखने वाला और आम जनता के लिए महंगाई बढ़ाने वाला है l नरेन्द्र सिंह ने कहा कि जनता का विश्वास केवल चुनी हुई सरकार पर होती है, और यदि सरकार ही जनहित के समस्त संसाधन और संस्थान निजी हाथों मे सौंप दे तो भरोसा कहाँ रह जायेगा। आज सरकार और किसान के बीच भरोसे का संकट आ गया है। पूर्ववर्ती सपा सरकार की उपलब्धियों एवं जनहितकारी नीतियों की चर्चा करते हुए, उपस्थित किसान भाइयों को सपा सरकार के उपलब्धियों का पत्रक वितरण कर एक बार फिर से अखिलेश यादव की सरकार बनाने का आवाहन नरेन्द्र सिंह ने किया। चौपाल की अध्यक्षता किसान अरूण कुमार सिंह तथा संचालन शिवानन्द शुक्ल ने किया। इस अवसर पर प्रेमचंद यादव, भोला पाल, रामजी यादव, विनोद कुमार सिंह एडवोकेट, हिमान्शु कुमार सिंह, संदीप सिंह, अतुल सिंह, अरूण कुमार शर्मा, लालबाबू शर्मा बीडीसी,कल्लू शर्मा, लल्लू शर्मा, फूल चन्द्र कुश्वाहा, लाल चन्द्र शर्मा, रागेश्वर प्रसाद, बाबूनन्दन यादव, अशर्फी लाल, दशरथ कुश्वाहा, शिव बहादुर कुश्वाहा,हरिशंकर पाल, रमाकांत यादव, गगन सिंह, दिनेश यादव, शिवम सिंह, राम प्रसाद, सतीश विश्वकर्मा, संदीप विश्वकर्मा, असगर अली, पन्नालाल विश्वकर्मा, रमाशंकर, रामपति, राम लाल आदिवासी , मुन्नन शर्मा, राजेश शर्मा, प्रमोद शर्मा, मोहित शर्मा, राजन शर्मा, अंकित शर्मा, लक्षनधारी पटेल, शिव जोखन, राजेन्द्र प्रसाद, मोहित पाल,पंकज यादव, प्रमोद पाल,इरफान अन्सारी, राजन यादव,दाता दीन आदिवासी,सहित सैकड़ो किसान रहे।

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