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पर्याप्त राशन उपलब्ध नहीं कराए जाने पर संत समाज ने जिला पूर्ति अधिकारी के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई

(अनुराग शुक्ला) हरिद्वार (अनुराग दर्शन समाचार)। कुंभ मेले के दौरान संतों को पर्याप्त राशन उपलब्ध नहीं कराए जाने पर संत समाज ने जिला पूर्ति अधिकारी के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है।

संत महात्माओं ने आरोप लगाया कि अखाड़ों-आश्रमों को राशन उपलब्ध कराने में धांधली की जा रही है।

चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने जारी बयान में कहा कि जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से कुंभ मेले में चेतन ज्योति आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं व संतों के लिए 25 कुंतल राशन मंजूर किया गया था। लेकिन, अब तक केवल आठ कुंतल राशन ही उपलब्ध कराया गया है।

स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने आरोप लगाया कि अखाड़ों-आश्रमों को राशन उपलब्ध कराने में धांधली की जा रही है, जितना राशन मंजूर किया जा रहा है उससे कम उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आश्रम-अखाड़ों के लेटर हेड का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। खाद्य सामग्री मानकों के अनुरूप वितरित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों को अनियमितताओं का संज्ञान लेना चाहिए। राज्य सरकार की ओर से संचालित योजना का दुरुपयोग किया जा रहा है। राशन की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही लेटर हेड का गलत इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी विभाग को उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उधर, बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़े में आयोजित बैरागी संतों की बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी को हटाने की मांग करते हुए कार्रवाई की मांग की गई।

निर्मोही अखाड़े के सचिव महंत रामशरण दास महाराज ने कहा कि 12 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद आने वाले कुंभ मेले में संतों के लिए राशन उपलब्ध ना करा पाना खाद्य पूर्ति विभाग की असफलता है। राशन उपलब्ध कराने के नाम पर जिला पूर्ति अधिकारी मात्र आश्वासन दे रहे हैं और अखाड़ों में आकर भी समन्वय नहीं कर रहे हैं। महंत रामजी दास एवं महंत नरेंद्रदास महाराज ने कहा कि खाद्य पूर्ति विभाग की उदासीनता के चलते संतों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

मेला प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर संतों को पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध कराना चाहिए। विभाग को उचित राशन की व्यवस्था पहले ही करनी चाहिए थी। संतों ने रोष प्रकट करते हुए सरकार से खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान महंत रामदास, महंत महेंद्रदास, महंत शिवपाल दास समेत अनेक संत मौजूद रहे।

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