समावेशित विकास’ विषय पर व्याख्यान का आयोजन

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, अर्थशास्त्र विभाग के कौटिल्य परिषद् के तत्वाधान में आज समावेशित विकास’ विषय पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय, अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर, प्रशान्त कुमार घोष के व्याख्यान का आयोजन किया गया। अपने वक्तव्य में प्रो0 प्रशान्त घोष ने समावेशी विकास को परिभाषित करते हुए कहा कि समावेशी विकास में जब तक सभी आधारभूत आवश्यकताएं पहुंचे, प्रति व्यक्ति विकास दर में बहुत अन्तर न हो, समूह में यदि विकास हो तो सभी का विकास हो तभी राष्ट्र का सम्पूर्ण विकास सम्भव है। यद्यपि इस दिशा में 1950-70 के मध्य हिन्दू ग्रोथ रेट 3.5% के स्थान पर 7% ग्रोथ रेट को प्राप्त किया है लेकिन विकास का लाभ सब तक नहीं पहुंचा है। भारत सरकार की विविध योजनाओं ने सार्थक पहल की है और हम यथाशीघ्र समावेशित आर्थिक विकास को प्राप्त कर लेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें शासी निकाय के अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने कहा कि भारत में गरीबी रेखा के नीचे 27% लोग है, जब तक हम गरीबी का उन्मूलन नहीं कर लेंगे उन्हे राष्ट्र विकास की मुख्य धारा से नहीं जोड़ लेंगे राष्ट्र का समावेशित विकास सम्भव नहीं है। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या, प्रो0 अर्चना पाठक ने सामाजिक विकास के साथ समावेशित विकास पर बल दिया और कहा कि अशिक्षा, बेरोजगारी और निर्धनता को हटाकर ही समावेशित विकास सम्भव है। आर्य कन्या ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूट की निदेशक, डॉ० रमा सिंह ने कहा कि जब भारत के संविधान में जाति, धर्म, लिंग, भाषा के आधार पर समानता प्रदान की गई है तो लोगो का समान हित करते हुए अन्तिम व्यक्ति तक जीवन की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हो, यह प्रयास करना चाहिए। दुनिया के देशों में भारत तीसरे स्थान पर विकास दर में है लेकिन व्यक्तिगत आय के आधार पर 122वें नम्बर पर पहुंच जाता है। उसे दूर कर समावेशित विकास की ओर भारत ने कदम बढ़ाया है। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग, डॉ0 रेनू जैन ने किया एवं आभार ज्ञापन डॉ0 अमित पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में उपप्राचार्या, डॉ0 ममता गुप्ता, डॉ0 श्याम कुमारी, डॉ0 दामिनी श्रीवास्तव के सहयोग से सफल हुआ। डॉ0 कल्पना वर्मा, डॉ0 रंजना त्रिपाठी, डॉ0 मधुरिमा वर्मा, डॉ0 ज्योति रानी जायसवाल, डॉ0 सुधा सिंह, डॉ0 हेमलता श्रीवास्तव, डॉ0 नीलांजना जैन, डॉ0 अंजू श्रीवास्तव, डॉ0 निशा खन्ना व डॉ0 नाज़नीन फारूकी के साथ बड़ी संख्या में छात्राओं ने व्याख्यान का लाभ उठाया।




