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मंत्री नन्दी ने तत्कालीन विशेष कार्य अधिकारी नोएडा नवीन कुमार सिंह को किया निलंबित

भूखंड आवंटन में लापरवाही एवं मनमानी के साथ ही उच्च न्यायालय के आदेश का भी पालन न करने पर हुई कार्रवाई

11 अप्रैल को मंत्री नन्दी ने तत्कालीन वरिष्ठ प्रबन्धक (नियो.) ग्रेटर नोएडा निमिषा शर्मा को निलम्बित किया था

*नहीं बख्शे जाएंगे भूखंड आवंटन में मनमानी करने वाले अधिकारीः नन्दी*

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। औद्योगिक विकास विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने प्राधिकरणों में कार्यरत दागी व भ्रस्ट अधिकारियों पर धड़ाधड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों व कर्मचारियों को जहां कार्यशैली में बदलाव की चेतावनी दी जा रही है, वहीं अब कार्रवाई दर कार्रवाई भी हो रही है। भूखंड आवंटन में लापरवाही के आरोप में 11 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की पूर्व नियोजन विभाग की प्रतिनिधि श्रीमती निमिषा शर्मा को निलम्बित करने के बाद मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने शनिवार को नोएडा प्राधिकरण में तैनात विशेष कार्याधिकारी नवीन कुमार सिंह को भी निलम्बित कर दिया है। जिससे विभाग में खलबली मची हुई है। अधिकारी व कर्मचारी परेशान हैं कि पता नहीं कब किसका अगला नम्बर आ जाए।

*यह है पूरा मामला*

नोएडा प्राधिकरण द्वारा भूखंडों के आवंटन हेतु दिनांक 05.03.2010 को योजना प्रकाशित की गई थी। इस सम्बंध में प्राप्त हुए आवेदनों में दो व्यक्तियों को नहीं बुलाया गया और उनकी धनराशि नियमानुसार वापस कर दी गई। वर्ष 2003 में इन दो आवेदकों ने माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका दायर की और भूखंड आवंटन की मांग की। माननीय उच्च न्यायालय को वर्ष 2019 में प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी नवीन कुमार सिंह ने प्रतिशपथ के माध्यम से यह अवगत कराया गया कि 08 प्लाट अभी रिक्त है। जबकि वर्ष 2019 में कोई प्लॉट रिक्त नहीं था। फलतः माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राधिकरण एवं शासन के समक्ष असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई। नवीन कुमार सिंह की इस प्रकार के गंभीर कृत्य और कार्य प्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने तत्काल प्रभाव से श्री सिंह को निलम्बित कर दिया तथा यह भी कहा कि किसी भी औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा की गई। इस प्रकार के गंभीर कृत्य के लिए उन्हें माफ नहीं किया जाएगा। जबकि कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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