बारात आने में हुई देरी तो घराती खुद बने बराती निभाई विवाह की रस्म

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । शुक्रवार की देररात्रि शहर के कैंट स्थित सीडीए पेंशन गेस्ट के पास अजीबो-गरीब नजारा देखने को मिला बारात आने में देर हुई तो खुद कन्यापक्ष के लोगों ने समय रहते पहुंचे दूल्हे का साथ देते हुए बाराती बन बारात लगवाई। जी हां उपरोक्त सच्चाई के साक्षी बने अनुराग दर्शन समाचार पत्र के संवाददाता के अनुसार शुक्रवार की शाम पीसीडीए में कार्यरत प्रमोद झां की पुत्री की बारात बिहार के समस्तीपुर जिले से प्रयागराज आनी थी, लेकिन भीषण जाम के चलते बारातियों से भरी बस तीन घंटे जाम में समस्तीपुर में ही फंसी रही।कन्यापक्ष के लोग इन्ताजार करते करते थक लेकिन बारात और बाराती समय से नहीं पहुंच सके। गनीमत रही कि दूल्हे राजा अपने ड्राइवर व दो तीन दोस्तों के साथ रात करीब बजे के आसपास कन्यापक्ष के सीडीएपेंशन कालोनी आवास पर पहुंच गए फिर क्या था । खुशी की कोई सीमा ही नहीं थी उस समय बैंड बाजा भांगड़ा वाले सब पहले से ही मौजूद और तैयार बैठे थे आधा घंटे के बाद करीब ग्यारह बजे के आसपास बारात धूमधाम से निकली और वहीं स्थित गेस्ट की ओर रुख किया। बारात खाली थी अब क्या जाये बाराती की रस्म सबसे पहले निभाई कन्या के चाचा गोपाल झां ने उन्होंने डीजे पर बज रहे गाने पर थिरकना शुरू किया तो फिर अन्य घरातियों को बराती बनने में समय नहीं लगा, गोपाल झां को अकेले डांस करते देख उनके हैदराबाद से आये दोस्त और यहां के दोस्तों ने साथ मिलकर बाराती बनकर झूमना शुरू कर दिया कन्या के पिता प्रमोद झां उनकी पत्नी, बेटे भतीजे बारात में घराती बनकरआये सभी लोग बारात का अभिन्न हिस्सा बने। सभी बराती बनकर डीजे की धुन पर गीत पर भांगड़ा की ताल पर जमकर नाचे और इस अनूठी बारात अनूठा और सुखद अनुभव महसूस किया दूल्हे राजा को भी जमकर नचाया बड़ा अनोखा नजारा देखने को मिला।
असली बाराती थके मांदे रात्रि एक बजे तक आये, लेकिन तब तक बरात लगकर रस्म अदायगी पूरी हो चुकी थी बारातियों को यह जानकर अचरज और खुशी हुई कि बारात में उनकी कमी को खुद कन्या पक्ष के लोगों ने मिलकर पूरा कर दिया।


