कुम्भ कार्यो की समीक्षा में कमिश्नर ने तल्ख किये तेवर
पीएमआईएस साफ्टवेयर पर प्रगति के सही आकड़े फीड न करने पर कई वरिष्ठ अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाईगु णवत्ता में जरा सी चूक पर अभियन्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा निलम्बन की संस्तुतिकु म्भ के कार्यो में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार की चूक या शिथिलता क्षम्य नही – मण्डलायुक्त डॉ आशीष कुमार गोयल
इलाहाबाद। कुम्भ कार्यो की साप्ताहिक समीक्षा में मण्डलायुक्त डॉ आशीष कुमार गोयल ने कार्यो की प्रगति प्रोजेक्ट मानिटरिगं साफ्टेवयर पर ठीक से उपलब्ध न कराने पर आज की बैठक में तल्ख तेवर अपनाते हुए कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तक के खिलाफ कडी कार्रवाही के निर्देश दे दिये। मण्डलायुक्त ने बडे तल्ख तेवर के साथ सभी विभागो के प्रमुखों को यह याद दिलाया कि कुम्भ कार्यो की प्रगति को पारर्दर्शी बनाने के लिए पीएमआईएस साफ्टवेयर पर प्रगति के सही आकडे बिन्दुवार अपडेट रखना जरूरी है तथा पीएमआईएस साफ्टेवयर कार्यो की सही प्रगति का आईना है। इसलिए हर हाल में इसे अपडेट रखे जाने के निर्देश उन्होंने पिछले कई हफ्तो पहले दिये थे।

विगत कई सप्ताहो से लगातार सजग करते रहने के बावजूद भी आज जिन विभागो में प्रगति के आकडे त्रुटिपूर्ण दिखे या वास्तविकता से कम दिखे उन मामलों का संज्ञान लेते हुए मण्डलायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, सीएनडीएस के अधिकारियों के खिलाफ चेतावनी और प्रतिकूल प्रविष्टि तथा निलम्बन की संस्तुति जैसी कडी कार्रवाहियां कर दी। मण्डलायुक्त ने पीएमआईएस के स्तम्भो में वास्तविक अंकन न पाये जाने पर क्षुब्ध होकर अधिकारियों को फटकार भी लगायी तथा कहा कि आपकी इस सामान्य लापरवाही से कुम्भ कार्यो की प्रगति का वास्तविक स्वरूप जनता के सामने नही जा पा रहा है तथा भ्रम की स्थिति में प्रगति की सही रफ्तार जनता को दिख नही पा रही है। ज्ञातव्य है कि कुछ दिन पूर्व ही इस साफ्टवेयर के सर्वर की गति धीमी होने पर मण्डलायुक्त ने पीएमआईएस का कार्य करने वाली कम्पनी आर.वी. एसोसिएट्स के अधिकारियों को भी फटकार लगायी थी तथा इस सर्वर हैदराबाद के स्थान पर इलाहाबाद मे शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। अब सर्वर की गति अपेक्षा के अनुरूप होने के बाद मण्डलायुक्त उस पर अंकित आकडों के आधार पर प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
पीएमआईएस पर आकडो की फीडिंग त्रुटिपूर्ण पाये जाने पर पर्यटन विभाग के प्रमुख तथा इस विभाग के कार्यो की कार्यदायी संस्था प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लि. के परियोजना प्रबंधक संजय मिश्रा को लिखित चेतावनी के साथ आगे सुधार न होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिये। इसी प्रकार इन्ही कार्यो में त्रुटि के लिए परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक तथा उनके कार्यो के लिए नियुक्त कार्यदायी संस्था के सहायक अभियन्ता को भी लिखित चेतावनी दे दी। मण्डलायुक्त ने परिवहन निगम के कार्यो में निविदा प्रक्रिया में विलम्ब के लिए उक्त अधिकारियों को सचेत करते हुए शीघ्र प्रगति का स्तर अपेक्षा अनुरुप कर लेने को कहा। स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक को भी नये उपकरणों के क्रय के बारे में प्रगति की सही जानकारी न होने तथा पीएमआईएस पर ठीक से फीडिंग न होने के लिए लिखित रूप से जवाब-तलब करते हुए समय से सुधार न कर लेने पर दण्डात्मक कार्रवाही की चेतावनी भी दी।
स्वास्थ्य विभाग के कार्यो मे एक निर्माण कार्य में बीम को थोड़ा सा टेढा छोड़ देने पर मण्डलायुक्त ने इस कार्य की कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक आर बी सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए उनके निलम्बन की संस्तुति शासन को तत्काल भेज देने के निर्देश दिये। मण्डलायुक्त ने कहा कि लगातार सचेत करते रहने के बावजूद कार्यो की गुणवत्ता में वे एक प्रतिशत भी कमी पाये जाने पर अब वे किसी को नही बख्शेंगें। कुम्भ का कार्य इलाहाबाद और उत्तर प्रदेश शासन का सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। इसलिए इसकी गुणवत्ता हर हाल में शत-प्रतिशत होनी चाहिए तथा वे गुणवत्ता के स्तर पर लेश मात्र भी समझौता नही करेंगे। इसलिए इन कार्रवाहियों से सभी अधिकारी सबक लेते हुए अपने कार्य का निरीक्षण स्वयं करे तथा केवल कार्यदायी संस्था के भरोसे न रहे।
मण्डलायुक्त ने कुछ दिन पूर्व वरिष्ठ मण्डलीय अधिकारियों की टीम गठित कर हर विभाग के कार्यो का नियमित निरीक्षण करते रहने तथा उसकी रिर्पोट उन्हे लगातार देते रहने के लिए निर्देशित किया था। इसी क्रम में अपर आयुक्त प्रशासन की टीम द्वारा स्वास्थ्य विभाग का उक्त निर्माण थोड़ा सा त्रुटिपूर्ण पाये जाने की शिकायत पर भी कार्यदायी संस्था के अभियन्ता के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाही की तथा अधिकारियो से कहा कि थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी की रिर्पोट तथा पीएमआईएस साफ्टवेयर पर प्रगति के आकडों का स्थलीय परीक्षण उनकी अधिकारियों की टीम लगातार देखकर उन्हे रिर्पोट करती रहेगी। जिससे कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता किसी भी दशा मे प्रभावित न हो सके। उन्होंने थर्ड पार्टी निरीक्षणकर्ता एजेंसी की उक्त त्रुटि सम्बन्धी रिर्पोट सीधे उन्हे समय से न उपलब्ध कराने पर निरीक्षणकर्ता एजेंसी के पेंच भी कडाई से कसे तथा एजेंसी के स्थानीय प्रमुख श्री अनिरबान गांगुली को भी कडी फटकार लगायी तथा कम्पनी के पेंमेट में 10 प्रतिशत की कटौती कर दिये जाने के निर्देश दिये। मण्डलायुक्त ने कहा कि मेरे अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किये जाने के पूर्व यह रिर्पोट कम्पनी द्वारा उन्हे प्राप्त हो जानी चाहिए थी ताकि गुणवत्ता पर उनकी नजर बराबर बनी रह सके।
आज की बैठक में शहर में गंगा प्रदूषण इकाई द्वारा सडको की खुदाई से जनता को होने वाली असुविधा को गम्भीरता से संज्ञान में लेते हुए मण्डलायुक्त ने विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम आद़ि सड़क निर्माण से जुडे विभागो को सख्त हिदायद दी कि इनके समस्त कार्य एक साथ विचार करते हुए निगरानी में रखे जाय ताकि सडक पर खुदाई का गतिरोध एक बार में ही जनता को झेलना पडे। इसकेलिए इन सभी विभागों के क्रिटिकल गैप के कार्य समेकित कर उनपर होने वाले कार्य की निगरानी स्वयं की अध्यक्षता में हर सोमवार को एक बैठक कर जानकारी लेने के निर्देश दिये तथा बैठक में उपस्थित उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण को यह हिदायद दी कि वे भी गंगा प्रदूषण इकाई द्वारा सडको की खुदाई के बाद मरम्मत का कार्य प्रति सप्ताह गुरूवार को अवश्य किया करे तथा उन्हे रिर्पोट करे। इस प्रकार सड़को को शीघ्रता से दुरूस्त कर लेने तथा उनके चौडीकरण का कार्य प्रति सप्ताह दो बार किये जाने की व्यवस्था मण्डलायुक्त ने निर्धारित की।
बैठक में सेतु निगम द्वारा बनाये जा रहे सभी फ्लाई ओवरों की प्रगति गहराई से देखी गयी तथा तेलियरगंज और हाईकोट के फ्लाईओवरो में सडको के चौडीकरण आदि के कार्य सभी औपचारिकताये पूरी कराकर समय निर्माण पूरा कर लेने की समीक्षा की गयी। पुलिस विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन बैरकों के समयबद्ध निर्माण की समीक्षा की गयी। समीक्षा में लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, सेतु निगम के कार्यो में बेहतर प्रगति पर मण्डलायुक्त ने संतोष भी व्यक्त किया।



