आजादी का अमृत महोत्सव एक सकारात्मक सोच : डॉ मंजू सिंह

अनाम शहीदों के पीढ़ी को परिचित कराना महोत्सव का उद्देश्य : प्राचार्या
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । आर्य कन्या डिग्री कॉलेज हिन्दी विभाग में ‘आजादी का अमृत महोत्सव : राष्ट्रीय चेतना और साहित्य के सन्दर्भ में‘ बुधवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. मंजू सिंह ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव एक सकारात्मक सोच है, डिजिटलाइजेशन का जमाना है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज की वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि आगे कहा कि ऐसे में भारत का इतिहास विदेश तक जाएगा। भारत की उपलब्धियों को आजादी की लड़ाई में हुए शहीदों को देश के साथ विदेश भी जाने, इसीलिए अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।
आर्य कन्या समूह की निदेशक डॉ. रमा सिंह ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे स्वतन्त्र भारत के भावी निर्माण में अपना योगदान शिक्षा के माध्यम से अवश्य दे सकती हैं। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अर्चना पाठक ने बताया कि जो इतिहास को नहीं जानता, इतिहास उन्हें भुला देता है। इसलिए अपने इतिहास को जानना आज की पीढ़ी के लिए आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन इसीलिए होते हैं कि युवा पीढ़ी देश के इतिहास से परिचित हो। भारत में अमृत महोत्सव मनाने की परम्परा पुरानी है। आज का यह महोत्सव वीर बलिदानियों की स्मृति में है। जिन अनाम शहीदों के कारण आजादी मिली, उनसे आने वाली पीढ़ी को परिचित कराना इस महोत्सव का उद्देश्य है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे पंकज जायसवाल, अध्यक्ष शासी निकाय ने कहा कि अमृत महोत्सव भारत की उपलब्धियों का जश्न है। चरखे से लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा दिया गया। कार्यक्रम में एम.ए की शालिनी विश्वकर्मा, आराधना पटेल, नेहा मिश्रा, स्वेच्छा सिंह, श्वेता यादव, कुलसुम खान तथा बी.ए की स्वाति कुशवाहा, आंचल सोनकर, प्रिया मिश्र, प्रीति यादव, प्रिया श्रीवास्तव, हेमपुष्प, ज्योतिझा, स्वीटी यादव, सीमा पाल आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर पूर्व में हुई सुलेख प्रतियोगिता में स्थान पाने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र दिये गये। जिसमें प्रथम स्थान सीमा पाल, द्वितीय प्रिया मिश्रा, तृतीय रंजना राय ने प्राप्त किया। संचालन डॉ. मुदिता तिवारी तथा डॉ. शशि ने और आभार ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना वर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. मधुरिमा वर्मा, डॉ. ममता गुप्ता, डॉ. सुधा सिंह, डॉ. अंजू श्रीवास्तव, डॉ. श्यामा कुमारी, डॉ. नीलांजना जैन, डॉ. रंजना, डॉ. ज्योति रानी जायसवाल, डॉ. अनुपमा सिंह, डॉ. श्याम कान्त, डॉ. अवधेश, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. अर्चना सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।




