शोध में तकनीकी का समावेश आवश्यक : प्रो धनन्जय

शोधकर्ता को हर कदम पर संवेदनशीलता बरतने की जरूरत
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। शोध जैसे महत्वपूर्ण विषय में तकनीकी का समावेश करना आवश्यक है। सांख्यिकी का उपयोग कब, क्या और कहां जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों का यथोचित उत्तर प्राप्त करने के बाद ही करना चाहिए।
यह बातें बतौर मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय, शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनन्जय यादव ने ईश्वर शरण पीजी कॉलेज के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला ‘‘डाटा एनालिसिस इन सोशल साइंस रिसर्च’’ विषय पर केन्द्रित रही, के समापन अवसर पर सम्बोधित करते हुए कही।
प्रो. यादव ने कहा कि एसपीएसएस जैसे एप्लीकेशन पर आगे भी अभ्यास करते रहने की आवश्यकता है। शोध में पारदर्शिता की चर्चा करते हुए उन्होंने प्रदत्त संकलन की प्रविधियों से लेकर डाटा एनालिसिस तक हर कदम पर सावधान रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। बताया कि शोध की पूरी जिम्मेदारी शोधकर्ता की होती है, इसलिए शोधकर्ता को हर कदम पर संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ईश्वर शरण महाविद्यालय के डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने शोध के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि डाटा एनालिसिस से भी अधिक महत्वपूर्ण कार्य, परिणामों का निर्वचन करना होता है। उन्होंने शोध छात्रों को पक्षपात से बचने हेतु अपनी धारणाओं को बलपूर्वक सिद्ध करने की स्वाभाविक प्रवृत्ति से बचने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षाशास्त्र विभाग की शोध छात्रा सना आमरीन ने एवं अतिथियों का स्वागत शिक्षाशास्त्र विभाग के समन्वयक एवं कार्यशाला के संयोजक डॉ. मान सिंह ने तथा कार्यशाला की रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण कार्यशाला के सहसमन्वयक डॉ. शैलेश कुमार यादव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अविनाश पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य शिक्षक डॉ. विवेक कुमार राय, डॉ. हर्षमणि सिंह, डॉ मनोज कुमार दूबे, डॉ. अश्विनी देवी, डॉ. अमरजीत राम, डॉ. रचना सिंह, डॉ. अखिलेश पाल, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।


