इलाहाबाद समाचार

वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पहली बार ट्रिपलआइटी को जगह

इलाहाबाद विश्वविद्यालय और एमएनएनआइटी को झटका

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। विश्वभर के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों की रैंकिंग जारी करने वाले संस्थान क्यूएस (क्वाक्वेरेली साइमंड्स) वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी ने बुधवार देर रात 2022 की रैंकिंग जारी कर दी। इस रैंकिंग में हर बार की तरह इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) को फिर तगड़ा झटका लगा है। राहत की बात यह है कि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआइटी) ने पहली बार टॉप-1000 में जगह बनाकर शहर की लाज बचा ली। हालांकि, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) सूची में जगह बनाने में कामयाबी नहीं हासिल कर सका। अग्रणी वैश्विक उच्च शिक्षा विश्लेषक क्यूएस वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी की ओर से सर्वाधिक सम्मानित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग का 18वां संस्करण जारी किया गया। इस रैंकिंग को शिक्षा एवं शोध जगत का सबसे बड़ा मूल्यांकन माना जाता है। क्यूएस वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी की तरफ से हर वर्ष टॉप-1000 विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की सूची जारी की जाती है। इसके तहत एकेडमिक रेपोटेशन, एंप्लॉयर रेपोटेशन, छात्र-शिक्षक अनुपात, शोधकार्य, अंतरराष्ट्रीय अध्यापक और छात्र अनुपात का आंकलन किया जाता है। इसके बाद ही रैंकिंग जारी की जाती है। विश्वस्तरीय रैंकिंग में देश के केवल 35 संस्थानों ने जगह बनाई है।
अहम यह है कि इस बार रैंकिंग की सूची में प्रयागराज से ट्रिपलआइटी को भी जगह मिली है। ट्रिपलआइटी को 1001-1200 रैंकिंग बैंड में जगह दी गई है। संस्थान के निदेशक ने खुशी जाहिर की है। एमएनएनआइटी और इविवि दोनों संस्थान टॉप-1000 की सूची में जगह बनाने में कामयाबी हासिल नहीं कर सके।
ट्रिपलआइटी के निदेशक प्रो. पी नागभूषण का कहना है कि पहली बार संस्थान को विश्वस्तरीय रैंकिंग में जगह मिली है। इसके लिए संस्थान के शिक्षक-कर्मचारी और छात्र बधाई के पात्र हैं। प्रयास है कि आगे और भी बेहतर प्रदर्शन किया जाएगा।

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