ओवैसी हिन्दू-मुसलमानों को लडाना चाहते है-जगदगुरू स्वामी महेशाश्रम

(अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) ।वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने से शिवलिंग मिलने के बाद एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर दंडी सन्यासियों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक जगतगुरु स्वामी महेशाश्रम महाराज ने आज नैनी स्थित आश्रम में करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि असदुद्दीन ओवैसी मुसलमानों को बरगला कर सिर्फ वोट लेने का काम करते हैं। उन्होंने कहा है कि असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अबकरुद्दीन ओवैसी मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं और हिंदू- मुसलमानों को आपस में लड़ाना चाहते हैं। स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा है कि ओवैसी खुद कभी जाकर किसी मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ते हैं ना ही जाते है। लेकिन उन्हें मस्जिद से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा है कि असदुद्दीन ओवैसी और उसके भाई को मुसलमानों को भड़काने की आदत पड़ी हुई है। उन्होंने कहा है कि कि पूरा मामला जिला कोर्ट वाराणसी से.लेकर सुप्रीम अदालत में विचाराधीन है। इसलिए सभी को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट हिंदुओं के पक्ष में फैसला देता है तो क्या असदुद्दीन ओवैसी इस फैसले को मानने से इंकार कर देंगे। स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा है कि यह हिंदुस्तान है पाकिस्तान नहीं है। यहां पर शरिया कानून नहीं लागू है और जब जी में आए किसी भी मंदिर को तोड़ दो और हिंदुओं को देश के बाहर खदेड़ दो। उन्होंने कहा है कि देश संविधान से चलता है इसलिए अदालत इस मामले में जो भी फैसला देगी। वह दोनों पक्षों को मानना होगा। इसमें ओवैसी भी कुछ नहीं कर सकते हैं। ओवैसी सिर्फ मुसलमानों को बरगलाने की राजनीति कर रहे हैं और अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं।


