टीकरमाफी में भागवत कथा को लेकर निकाली गई कलश यात्रा

( अनुराग शुक्ला )अमेठी ( अनुराग दर्शन समाचार )। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह कार्यक्रम का आज शुभारंभ कथा व्यास भागवत रत्न राजहंस डा अनिल पांडेय व्यास एवं उनके शिष्यों यज्ञाचार्य प्रदीप मिश्र आचार्य आलोक पांडेय की मौजूदगी में मुख्य यजमान भगवंत किशोर लाल उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्ण कुमारी श्रीवास्तव ,सुशील श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव डा शरद श्रीवास्तव कौशलेंद्र श्रीवास्तव सतीश श्रीवास्तव सभासद प्रमोद श्रीवास्तव मुकेश यादव जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ पांडे जिला पंचायत सदस्य, समाजसेवी अरविंद सिंह उर्फ कल्लू सिंह की मौजूदगी में कलश यात्रा कार्यक्रम की शुरुआत की गई, कलश यात्रा बनसत्ती माता धाम, सेहद बाबा धाम होते हुए श्रीमत परमहंस आश्रम टीकरमाफी व विश्वकर्मा मंदिर गाजे बाजे के साथ सैकड़ों महिलाओं की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस दौरान आधुनिक वाद्य यंत्र के माध्यम से संगीत की मधुर धुन पर लोग थिरकते रहे पुलिस बल ने कार्यक्रम को संपन्न कराने में अपनी अहम भूमिका अदा की। उसके कथा व्यास भागवत रत्न मानस राजहंस डा अनिल पांडेय व्यास जी ने कहा कि जो भी व्यक्ति भागवत महात्म्य की कथा का श्रवण करता है वही कथा के महत्व को समझ पाता है l और कथा उसी को समझ में आती है जो इसका महत्त्व समझता है, महात्म का मतलब है कथा का महत्व, इस कथा को सर्वप्रथम किस ने सुना और किस लिए सुना, और इस कथा को सुनने से मुक्ति ही प्राप्त होती है या संसार की और लौकिक सुख प्राप्त होती है इस कथा को भक्त सुन कर मुक्ति प्राप्त कर सकता है इसमें कोई आश्चर्य नहीं है, क्या कोई पापी व्यक्ति भी इस कथा को सुन कर मुक्ति पा सकता है,इस संबंध में कथा व्यास ने प्रेत योनि पीड़ित पापी दूंधकारी प्रेत को भगवान की कथा सुनकर मुक्ति प्राप्त कर लिया, तो जी मनुष्य सशरीर भक्ति से भागवत कथा का श्रवण करके मुक्ति प्राप्त कर ले तो इसमें क्या आश्चर्य है , इन्ही सभी बातो का जिसमे विशुद्ध विवेचन किया गया हो वही भागवत महात्म्य है।



