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Prayagraj News पानी में भी जिंदगी होना प्रयोगों द्वारा प्रमाणित: डॉ अर्चना*

  • Prayagraj Newsपानी में भी जिंदगी होना प्रयोगों द्वारा प्रमाणित: डॉ अर्चना
  • विश्व जल दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित

प्रयागराज( अनुराग दर्शन समाचार )। चौधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग द्वारा मंगलवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर ’राष्ट्रीय सेमिनार’ का आयोजन किया गया। डॉ अर्चना पांडेय ने कहा कि जल पर भावनाओं का प्रभाव एक प्रयोग द्वारा यह सिद्ध हुआ है कि रोना, हंसना, गुस्सा होना इत्यादि का प्रभाव जल पर पड़ता है। पानी में भी जिंदगी है, यह प्रयोगों द्वारा प्रमाणित है।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्राचार्य बृजेश कुमार, मुख्य वक्ता डॉ अर्चना पांडेय एसोसिएट प्रोफेसर रसायन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर गंगा सेवा मंच की तरफ से विश्व जल दिवस पर पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता विजय द्विवेदी, प्रयागराज फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता शशांक शेखर पांडेय, जल योद्धा आर्य शेखर, डॉ अर्चना पांडेय, डॉ सुनंदा दास, डॉ अनिल कुमार शुक्ला, डॉ सर्वेश सिंह, डॉ बबिता अग्रवाल को सम्मानित किया गया। इस दौरान जल संरक्षण हेतु शपथ भी लिया गया। इसके पूर्व छात्र छात्राओं हेतु निबंध, पोस्टर प्रेजेंटेशन एवं पेपर प्रसेंटेंशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

डॉ बबिता अग्रवाल ने कहा भूगर्भ जल का जितना दोहन हो रहा है उतना हम रिचार्ज नहीं कर पा रहें हैं। आज आवश्यकता है कि हम वर्षा जल का संचयन करने के साथ ही जल का प्रयोग करने में संयमित रहें। पुराने बोरवेल को हम जल संचयन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। डॉ ब्रजेश कुमार प्राचार्य सीएमपी डिग्री कॉलेज ने जल संरक्षण पर बल देते हुए सभी से आवाहन किया कि वह इस दिशा में सार्थक पहल व प्रयास करें।

सेमिनार की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ बबिता अग्रवाल एवं संचालन डॉ प्रमोद शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ दीपांजलि पांडेय ने किया। इस अवसर पर डॉ प्रवीण सिंह, डॉ विशाल श्रीवास्तव, डॉ प्रवीण त्रिपाठी, डॉ मोनिका सिंह, दत्तात्रेय पांडेय, शशांक श्रीवास्तव, रीता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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