कानपुर हिंसा : सपा विधायक का विरोध हुआ तेज,उनके नाम को लाल रंग से पोता
न्यूज पोर्टल चलाने वाले तीन पत्रकारों पर हुई एफआईआर
कानपुर ( अनुराग दर्शन समाचार ) । कानपुर हिंसा के मामले में पत्रकारिता की आड़ में शहर का अमन-चैन खराब करने का खुलासा हुआ है। न्यूज पोर्टल चलाने वाले तीन पत्रकारों पर एफआईआर हुई है। इनमें से एक को हिंसा फैलाने के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के साथ लखनऊ से दबोचा गया था। जो जेल भेजा जा चुका है। अब दो अन्य की पुलिस को तलाश है। उधर,चंद्रेश्वर हाते के निवासियों ने आर्य नगर के सपा विधायक को लेकर आक्रोश है। उन्होंने एक पक्ष का साथ देने का आरोप लगाते हुए दीवारों पर लिखे सपा विधायक के नाम को पोत दिया।
*हयात के साथ दबोचा गया था पोर्टल संचालक*
हिंसा के बाद जब पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि सोशल मीडिया के जरिए एक साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया। इसमें मास्टरमाइंड एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष जफर हयात आजमी था। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि कुछ न्यूज पोर्टल के संचालक भी इससे जुड़े थे। इसके बाद तीन पत्रकारों पर एफआई आर दर्ज हुई। लखनऊ में हयात की गिरफ्तारी के साथ ही ऐसे ही एक न्यूज चैनल का संचालक भी दबोचा गया ।
*जिसने दंगा फैलाने में भूमिका निभाई इन पर हुई कार्रवाई*
तंजीम बरेलवी उलमा ए अहले सुन्नत ने इस बंद की अपील की थी। संस्था का अध्यक्ष सैयद मोहम्मद फैसल जाफरी एक न्यूज पोर्टल का पत्रकार है। इसके अलावा, एमएमए जौहर एसोसिएशन का पदाधिकारी जावेद भी न्यूज पोर्टल चलाता था। वह खुद के पोर्टल के जरिए प्रशासन के बीच घुसपैठ बना रहा था। शम्स तरबेज पर भी एफ आई आर हुई है।
ओवैसी पक्ष में उतरे
खुफिया को पता चला है कि सीएए के प्रोटेस्ट के बाद मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में ऐसे न्यूज पोर्टल की बाढ़ आई है जिनके संचालक व पत्रकार देश विरोधी साजिश रचकर खुद को बचाने का प्रयास करते है। शम्स तरबेज पर जब एफआईआर हुई तो एआईएमआईएम अध्यक्ष ओवैसी उसके पक्ष में आ गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर शम्स का बचाव किया। लिखा कि पत्रकार पर एफआईआर निंदनीय और बेबुनियाद है। यूपी पुलिस का चाहिए कि पहले वो उन हिंदूवादी गुंडों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने पत्थरबाजी की। मुस्लिम पक्ष के समर्थन में उतरने वाले सपा के आर्य नगर विधायक अमिताभ बाजपेई का अब विरोध होने लगा है। चंद्रेश्वर हाता के निवासियों ने वहां जगह-जगह लिखे उनके नाम को लाल रंग से पोत दिया। कहा कि विधायक मुस्लिम समुदाय की पैरवी करने तो पहुंच गए मगर उनके पास एक भी बार नहीं आए। न ही घटना वाले दिन दिखे। कहा कि अब चुनाव में अमिताभ वोट मांगने आंएगे तो उनका जमकर विरोध किया जाएगा।




